
जमशेदपुर: शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय (Jamshedpur Women’s University) के बिष्टुपुर प्रांगण में स्वच्छता पखवाड़ा का विधिवत शुभारंभ हुआ है। 1 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) विंग द्वारा इस वृहद अभियान की शुरुआत की गई। कुलपति डॉ इला कुमार के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज और युवाओं में साफ-सफाई के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रॉक्टर डॉ सुधीर कुमार साहु, परीक्षा नियंत्रक डॉ रमासुब्रमण्यम और एनएसएस को-ऑर्डिनेटर डॉ ग्लोरिया पूर्ति ने संयुक्त रूप से किया।
दुकानदारों और ठेले वालों को स्वच्छता के प्रति किया सतर्क
स्वच्छता पखवाड़े के प्रथम दिन एनएसएस की स्वयं सेविकाओं ने विश्वविद्यालय परिसर से बिष्टुपुर के विभिन्न इलाकों तक एक विशाल जागरूकता रैली निकाली। ग्राउंड जीरो पर उतरकर छात्राओं ने सड़क किनारे दुकान लगाने वालों, खोमचे वालों और ठेला चालकों से सीधा संवाद किया। उन्हें निम्नलिखित बातों के प्रति जागरूक किया गया:
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कचरा फेंकने के लिए अनिवार्य रूप से डस्टबिन का उपयोग करना।
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जहां ठेले लगते हैं, उसके आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह साफ-सुथरा रखना।
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ग्राहकों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना और काम के दौरान हाथों में दस्ताने पहनना।
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सब्जियों के छिलके और अन्य कचरा इधर-उधर न फेंककर ढक्कन वाले डस्टबिन में सुरक्षित रखना।
छात्राओं ने ली साल में 100 घंटे श्रमदान की शपथ
जागरूकता रैली के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए एक विशेष शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान सभी एनएसएस स्वयं सेविकाओं ने दृढ़ संकल्प लिया कि वे साल भर में कम से कम 100 घंटे स्वच्छता के लिए अपना समय (श्रमदान) जरूर देंगी। छात्राओं ने शपथ ली कि वे अपने घर, विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखेंगी और व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देकर खुद को भी स्वस्थ रखेंगी।
अभियान को सफल बनाने में प्राध्यापकों का रहा अहम योगदान
समाज को जागरूक करने वाले इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में संकाय सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही। प्रॉक्टर डॉ सुधीर कुमार साहू, एनएसएस को-ऑर्डिनेटर डॉ ग्लोरिया पूर्ति, एनएसएस ऑफिसर डॉ सुनीता कुमारी, डॉ छगनलाल अग्रवाल, आर तेजा, गोपाल चक्रवर्ती और प्रभात कुमार महतो ने अभियान का सफल नेतृत्व किया।
