
जमशेदपुर। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार लाने के निर्देश दिए।
सभी प्रखंडों में रक्तदान शिविर लगाने का निर्देश
बैठक में जिले में ब्लड की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इस माह सभी प्रखंडों में सामाजिक, व्यावसायिक और औद्योगिक संस्थाओं के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। इसका उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
इसके अलावा जन शिकायतों के निष्पादन, मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन रिपोर्ट और आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मलेरिया जांच और उपचार अभियान तेज करने पर जोर
मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले में जांच अभियान लगातार संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने समय पर जांच, उपचार और मरीजों के फॉलोअप की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बीमारी की रोकथाम प्रभावी तरीके से हो सके।
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा में उन्होंने रूटीन इम्यूनाइजेशन सत्रों से छूटे बच्चों और परिवारों की पहचान कर उन्हें नियमित टीकाकरण से जोड़ने के निर्देश दिए।
कुपोषित बच्चों के उपचार पर विशेष फोकस
कुपोषण प्रबंधन को लेकर बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी, पोटका और टेल्को स्थित एमटीसी (माल न्यूट्रिशन ट्रीटमेंट सेंटर) में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने पात्र बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
वहीं प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी रोगियों की पहचान, उपचार और फॉलोअप की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और चिन्हित मरीजों का लगातार फॉलोअप करने का निर्देश दिया।
डायलिसिस सेवाओं को निर्बाध रखने के निर्देश
सदर अस्पताल और घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में संचालित डायलिसिस सेवाओं की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त ने दोनों केंद्रों पर सेवाओं का संचालन निर्बाध बनाए रखने, मशीनों के नियमित रखरखाव और आवश्यक मरम्मत कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने का लक्ष्य
बैठक में संस्थागत प्रसव को लेकर उपायुक्त ने विशेष जोर दिया। उन्होंने जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
डेंगू, टीबी और फाइलेरिया की भी हुई समीक्षा
बैठक में डेंगू, टीबी, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया मुक्त भारत और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग, जांच एवं उपचार सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात भी कही गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, डॉ. रंजीत पांडा, डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, सभी एमओआईसी, डीपीसी, डीडीएम, बीएएम, बीपीएम, बीडीएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
