जमशेदपुर। झारखंड लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा रविवार को जिले के 93 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस परीक्षा में कुल 39,265 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 19,962 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। प्रशासन की सख्त निगरानी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के कारण पूरे जिले में परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रही।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
परीक्षा के दौरान जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने कई परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने दयानन्द पब्लिक स्कूल, राजेंद्र विद्यालय और मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल सहित अन्य केंद्रों पर पहुंचकर सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था, प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए ताकि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके।
पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर
उपायुक्त ने बताया कि परीक्षा के आयोजन में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए। आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया गया और किसी भी प्रकार के कदाचार पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता थी कि हर अभ्यर्थी को निष्पक्ष वातावरण मिले।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
वरीय पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार पर सघन जांच, फ्रिस्किंग और मेटल डिटेक्टर के जरिए जांच की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।
प्रशासन का समन्वित प्रयास
परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारी की थी। दण्डाधिकारी, पुलिस बल और उड़नदस्ता टीमों की तैनाती कर हर केंद्र पर निगरानी सुनिश्चित की गई। प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण और संग्रहण समयबद्ध तरीके से किया गया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा नहीं आई।
अधिकारियों ने जताई संतुष्टि
अंत में उपायुक्त ने परीक्षा के सफल आयोजन पर सभी अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और केंद्राधीक्षकों के समन्वित प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी की मेहनत और जिम्मेदारी के कारण परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी।
