



जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के निराश्रित और असहाय बुजुर्गों के लिए गुरुवार का दिन एक ऐतिहासिक और मानवीय सौगात लेकर आया। जिले के बेलाजुड़ी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) परिसर में ‘हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन’ द्वारा संचालित जेरियाट्रिक केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर “करुणा – अपनत्व का संसार” का विधिवत उद्घाटन किया गया। पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने फीता काटकर इस आश्रय स्थल का शुभारंभ किया। यह पहल उन बुजुर्गों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं है।
बुजुर्गों को मिलेगा सम्मानपूर्ण जीवन और बेहतरीन स्वास्थ्य देखभाल
उद्घाटन के अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने हेल्पिंग हैंड्स संस्था के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्था के इस भागीरथी प्रयास की जितनी भी तारीफ की जाए, वह कम होगी। इस जेरियाट्रिक केयर सेंटर में निराश्रित बुजुर्गों को न केवल सुरक्षित आवास और पौष्टिक भोजन मिलेगा, बल्कि उनकी नियमित स्वास्थ्य देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। एक आत्मीय और पारिवारिक वातावरण के बीच वे अपना शेष जीवन सम्मानपूर्वक व्यतीत कर सकेंगे।
समाज के लिए एक ऐतिहासिक और संवेदनशील पहल
जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया ने इस पुनीत कार्य को बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान जब निराश्रित बुजुर्गों ने इस नए आश्रय स्थल में घर जैसा पारिवारिक माहौल और प्यार देखा, तो उनकी आंखें नम हो गईं। भावुक होकर सभी बुजुर्गों ने सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल और हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन के प्रति गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया।
उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हेल्पिंग हैंड्स फाउंडेशन द्वारा उपस्थित सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा, जिला कुष्ठ निवारण सह मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, जुगसलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मोईज अख्तर अंसारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा टाटा वर्कर्स यूनियन के संजीव चौधरी, आईडीबीआई के रीजनल मैनेजर प्रणव भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता पूर्वी घोष, हेल्पिंग हैंड्स के संस्थापक प्रवीण श्रीवास्तव, ट्रस्टी अरविंद कुमार, जुगसलाई सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी और स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।


