


जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया (Brain Malaria) का जानलेवा कहर देखने को मिला है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रा लखी सरदार की ब्रेन मलेरिया से हुई असमय मौत के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। शनिवार को पोटका के विधायक संजीव सरदार सानग्राम गांव स्थित मृतका के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की और ढांढस बंधाया।
बेटी को खो चुके परिवार को विधायक ने दिया हौसला
बेटी को खोने के गहरे सदमे में डूबे परिवार को देखकर विधायक भी भावुक हो गए। उन्होंने मृतका की बहन, चाची बेरे सरदार, सुशीला सरदार और चचेरे भाई मोहन सरदार से मुलाकात की। विधायक ने परिवार का हौसला बढ़ाते हुए हिम्मत से इस कठिन समय का सामना करने की अपील की। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि इस विपत्ति की घड़ी में वे केवल एक जनप्रतिनिधि के तौर पर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह उनके साथ खड़े हैं।
पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा
शोक संतप्त परिवार से बातचीत के दौरान संजीव सरदार ने कहा, “ब्रेन मलेरिया से एक होनहार छात्रा का दुनिया से चले जाना पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में परिवार खुद को अकेला न समझे।” विधायक ने मौके पर ही भरोसा दिलाया कि सरकार के आपदा एवं कल्याणकारी प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवार को जो भी अधिकतम आर्थिक और प्रशासनिक सहायता मिल सकती है, उसे जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
आवासीय विद्यालयों में स्वास्थ्य सुरक्षा पर उठे सवाल
कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा की मौत के बाद अब हॉस्टलों में रह रही अन्य बच्चियों की स्वास्थ्य जांच और मच्छरों के प्रकोप से बचाव को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बदलते मौसम को देखते हुए ग्रामीण इलाकों और सभी सरकारी आवासीय विद्यालयों में तत्काल ‘फॉगिंग’ (Fogging) कराई जाए और मेडिकल कैंप लगाकर बच्चों के ब्लड सैंपल जांचे जाएं, ताकि फिर किसी मासूम को अपनी जान न गंवानी पड़े




