
JAMSHEDPUR।
शहर की सड़कों पर बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या को देखते हुए Jamshedpur Notified Area Committee (JNAC) और Mango Notified Area Committee (MNAC) ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को उप–नगर आयुक्त कृष्ण कुमार की अध्यक्षता में आवारा पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में गठित 10-सदस्यीय समिति को Jamshedpur Notified Area Committee (JNAC) और Mango Notified Area Committee (MNAC) क्षेत्रों में आवारा पशुओं की पहचान, सुरक्षित पकड़, स्थानांतरण और पुनर्वास की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सभी वार्डों में होगा आवारा पशुओं का सर्वे
निर्णय लिया गया कि सभी वार्डों में गाय, बैल, कुत्ते सहित अन्य आवारा पशुओं का व्यवस्थित सर्वे कराया जाएगा।
चिन्हित पशुओं को मानवतावादी और सुरक्षित प्रक्रिया अपनाते हुए अधिकृत गौशालाओं एवं आश्रय केंद्रों में भेजा जाएगा, जहाँ उनकी देखभाल, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सीय सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
नसबंदी व टीकाकरण अभियान पर रहेगा जोर
बैठक में यह भी तय हुआ कि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नसबंदी और टीकाकरण अभियान को तेज किया जाएगा।इस प्रक्रिया में पशु चिकित्सा विभाग, नगर निकाय और गौशाला संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
यातायात और नागरिक सुरक्षा समस्याओं पर काबू मुख्य लक्ष्य
समिति को निर्देश दिया गया कि आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं, यातायात बाधाओं और नागरिक सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को कम करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा। समिति अपने कार्यों की नियमित प्रगति रिपोर्ट उप–नगर आयुक्त को सौंपेगी।
उप–नगर आयुक्त का संदेश: नागरिक सहयोग आवश्यक
कृष्ण कुमार ने कहा— “पशु संरक्षण और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों हमारी प्राथमिकता हैं। आवारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय प्रदान कर उचित देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। नागरिकों से अपील है कि वे गोवंश को सड़कों पर न छोड़ें और किसी भी सूचना के लिए नगर निकाय से संपर्क करें।”
नागरिकों से विशेष अनुरोध
आवारा पशुओं की सूचना तुरंत नगर निकाय हेल्पलाइन पर दें।
सड़कों व सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं को न छोड़ें।
किसी भी गोवंश को अवैध रूप से परित्याग करने से बचें।
