


जमशेदपुर: समाज को नशे के अंधकार से निकालकर एक स्वस्थ और विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में शहर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बरिडीह (विजय गार्डन) शाखा द्वारा सामुदायिक केंद्र, बरिडीह में 26वें मादक द्रव्य निषेध जागरूकता अभियान के तहत एक विशाल ‘नशा मुक्ति कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने बच्चों और युवाओं में एक नई ऊर्जा और सकारात्मक जागरूकता का संचार किया है।
“विकसित भारत की पहचान” थीम पर हुआ आयोजन
यह विशेष जागरूकता कार्यक्रम “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” विषय (Theme) पर आधारित था। इस जनहितकारी कार्यक्रम में मुख्य रूप से 110 स्कूली बच्चों और उनके शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ब्रह्माकुमारीज के वक्ताओं ने उपस्थित बच्चों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें एक स्वस्थ, सकारात्मक और पूरी तरह से नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
नशे के खिलाफ दिलाई गई सामूहिक शपथ
कार्यक्रम का सबसे प्रमुख और भावुक क्षण वह था जब उपस्थित सभी बच्चों और शिक्षकों ने एक स्वर में हमेशा नशे से दूर रहने की सामूहिक शपथ ली। इसके साथ ही, उन्होंने अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त बनाने में अपना सक्रिय और सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बच्चों को समझाया कि उनकी आज की अच्छी आदतें ही कल के मजबूत और विकसित भारत की नींव रखेंगी।
स्वास्थ्य और समाज पर नशे के विनाशकारी प्रभाव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच से वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा केवल एक व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नष्ट नहीं करता, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को गहरे संकट में डाल देता है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि “नशामुक्त भारत” के बड़े लक्ष्य को तभी साकार किया जा सकता है, जब देश के बच्चे और युवा इसके प्रति पूरी तरह जागरूक हों और अपने आसपास के लोगों को भी इसके खतरों के प्रति सचेत करें।
इस सफल आयोजन का मु



