
जमशेदपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2016 के जमशेदपुर आगमन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर दर्ज मामले में कांग्रेस नेता रविंद्र झा उर्फ नट्टू झा, पूर्व मंत्री दुलाल भुइँया, मनोज सिंह, गुरमीत सिंह समेत अन्य नेताओं को चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने नौ साल बाद बड़ी राहत देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया है।
यह मामला 24 अप्रैल 2016 का है, जब प्रधानमंत्री मोदी जमशेदपुर पहुंचे थे। उस समय कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्थानीय नीति के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया था। साकची थाना क्षेत्र में दुकानें बंद कराने, नारेबाजी और शांति भंग करने के आरोप में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
तत्कालीन साकची थाना में पदस्थापित एएसआई दिवाकर दुबे ने अपने बयान पर कांग्रेस नेता नट्टू झा, पूर्व मंत्री दुलाल भुइँया समेत अन्य नेताओं पर दंगा, सड़क जाम, और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से नौ वर्षों तक यह मामला अदालत में लंबित रहा।
बुधवार को सुनवाई के दौरान विशेष न्यायालय ने सभी आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि आरोपितों ने कानून का उल्लंघन किया था या शांति व्यवस्था भंग की थी। लिहाज़ा सभी आरोपितों को बरी कर दिया गया।
फैसले के बाद कांग्रेस और झामुमो नेताओं ने इसे न्याय की जीत बताया। नट्टू झा ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था और इसका उद्देश्य जन आंदोलन को दबाना था। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सच को उजागर कर दिया और अब वे पहले से भी अधिक ताकत के साथ जन मुद्दों को उठाएंगे।
इस फैसले से कांग्रेस और झामुमो कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। पार्टी पदाधिकारियों ने इसे लोकतंत्र की जीत और झूठे मुकदमे की हार बताया।
