


जमशेदपुर |
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), जमशेदपुर में सोमवार से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नवाचार और प्रबंधन कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय द्वारा प्रायोजित उन्नत प्रबंधन विकास कार्यक्रम (A-MDP) का भव्य शुभारंभ किया गया। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण का विषय है—
“एआई के साथ एमएसएमई को सशक्त बनाना: व्यापार वृद्धि, स्वचालन और नवाचार के लिए एआई टूल्स का उपयोग।”
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि कुणाल कुमार (निदेशक एवं प्रमुख, BIS जमशेदपुर), विशिष्ट अतिथि संदीप मिश्रा (निदेशक, S.S.S इंडस्ट्रीज) एवं डॉ. अर्पिता घोष (CSIR-NML) द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं संरक्षक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में MSME क्षेत्र के लिए AI को अपनाना विकल्प नहीं बल्कि अनिवार्यता बन चुका है।
प्रशासनिक नेतृत्व और आयोजन टीम
कार्यक्रम में उप-निदेशक प्रो. (डॉ.) राम विनय शर्मा, डीन एवं नोडल अधिकारी प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार तथा कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. डी. के. शॉ की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला का समन्वय डॉ. चंद्रशेखर आजाद, डॉ. दिनेश कुमार और डॉ. मृत्युंजय राउत के नेतृत्व में किया जा रहा है।
देशभर के विशेषज्ञ करेंगे मार्गदर्शन
यह प्रशिक्षण 2 फरवरी से 6 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
माइक्रोसॉफ्ट, टाटा स्टील, जेपी मॉर्गन, कॉग्निज़ेंट, मेंटरशाला सहित अन्य संस्थानों के विशेषज्ञ डेटा एनालिटिक्स, पावर BI, टेबलू, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मार्केटिंग, मशीन लर्निंग और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे विषयों पर सत्र लेंगे।
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष फोकस
कार्यशाला के पहले दिन डॉ. अर्पिता घोष ने उद्योगों में AI समाधानों के प्रभाव पर चर्चा की, जबकि डॉ. ललित प्रसाद ने एक्सेल और AI टूल्स के माध्यम से डेटा विश्लेषण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। आने वाले सत्रों में प्रतिभागियों को एआई आधारित एप्लिकेशन, सप्लाई चेन एनालिटिक्स और बौद्धिक संपदा अधिकार से भी अवगत कराया जाएगा।



