जमशेदपुर । लगातार हो रही यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को जमशेदपुर में रेल यात्री संघर्ष समिति और रेलवे अधिकारियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
यह बैठक उस समय हुई जब रेल यात्री संघर्ष समिति ने ट्रेनों की देरी बंद नहीं होने पर रेल जीएम के विरोध का एलान किया था। इसके बाद चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम ने विधायक सरयू राय से संपर्क कर जीएम के जमशेदपुर दौरे और वार्ता की जानकारी दी।
सरयू राय ने उठाया यात्रियों की परेशानी का मुद्दा
बैठक के दौरान विधायक सरयू राय ने रेल जीएम को स्पष्ट रूप से बताया कि उनकी मुख्य मांग केवल इतनी है कि टाटानगर स्टेशन पर यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी बंद की जाए और रास्ते में उन्हें खड़ा कर मालगाड़ियों को पास कराने की व्यवस्था समाप्त हो।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की देरी से व्यवसायियों, छात्रों, कर्मचारियों, दैनिक मजदूरों और आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ट्रेनें चांडिल, कांड्रा, गम्हरिया और राखा माइंस जैसे नजदीकी स्टेशनों तक समय पर पहुंच जाती हैं, लेकिन वहां से टाटानगर आने में 4 से 5 घंटे लग जाते हैं।
रेल जीएम ने दिया सख्त निर्देश
रेल जीएम ने संघर्ष समिति की मांगों को स्वीकार करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि अब किसी भी परिस्थिति में यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को सख्ती से लागू किया जाए और इसकी नियमित निगरानी भी हो।
मॉनिटरिंग के लिए तैनात होगा अधिकारी
संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने पूछा कि इस निर्णय के पालन की निगरानी कैसे होगी। इस पर रेल जीएम ने चक्रधरपुर के डीआरएम को निर्देश दिया कि जमशेदपुर में एक पूर्णकालिक पब्लिक रिलेशंस इंस्पेक्टर की नियुक्ति की जाए।
यह अधिकारी प्रतिदिन ट्रेनों की आवाजाही, लेटलतीफी और परिचालन व्यवस्था की जानकारी लेकर प्रेस एवं रेल यात्री संघर्ष समिति को उपलब्ध कराएगा।
संघर्ष समिति ने जताया संतोष
बैठक के बाद विधायक सरयू राय ने रेल जीएम और डीआरएम का धन्यवाद देते हुए कहा कि संघर्ष समिति की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। समिति कुछ दिनों तक रेलवे के आश्वासनों के क्रियान्वयन पर नजर रखेगी और उसके बाद आगे की रणनीति तय करेगी।
बैठक में रेलवे की ओर से जीएम, एजीएम, चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। वहीं रेल यात्री संघर्ष समिति की ओर से शिव शंकर सिंह, कन्हैया सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, अजय कुमार, नीरज सिंह, अमित शर्मा और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
