जमशेदपुर। एक ओर शहर के उद्यान, बाग-बगीचे और ऊंची इमारतें संस्थापक दिवस की पूर्व संध्या पर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठीं, वहीं दूसरी ओर कई जरूरतमंदों की आंखों में सचमुच नई रोशनी लौटी।
महान उद्योगपति जमशेदजी नसरवानजी टाटा की 187वीं जयंती के अवसर पर टाटा स्टील समूह की कंपनी जेमीपोल के सीएसआर अभियान के तहत 51 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन कराया गया। यह नेत्र शिविर बागबेड़ा थाना चौक स्थित राम मनोहर लोहिया नेत्रालय में आयोजित किया गया।
ऑपरेशन के बाद खुली नई उम्मीद
जाने-माने नेत्र चिकित्सक डॉ. बी. पी. सिंह और उनकी चिकित्सीय टीम ने ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों की पट्टी खोलकर अंतिम जांच की। वर्षों से मोतियाबिंद के कारण धुंधली हो चुकी दृष्टि को फिर से स्पष्ट होते देख मरीजों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
ऑपरेशन उपरांत मरीजों को काला चश्मा पहनाया गया तथा डेढ़ महीने की दवा भी प्रदान की गई।
रेड क्रॉस की सक्रिय भूमिका
इस सामाजिक पहल में रेड क्रॉस सोसाईटी, पूर्वी सिंहभूम की अहम भूमिका रही। मानद सचिव विजय कुमार सिंह, कार्यकर्ता इशिता सिंह, शिवानी सिंह, आशीष कुमार, अशोक कुमार सिंह और हीरालाल ने मरीजों का उत्साह बढ़ाया।
रेड क्रॉस कार्यकर्ता श्याम कुमार प्रसाद ने ऑपरेशन के बाद आंखों की देखभाल और सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी, ताकि मरीज शीघ्र स्वस्थ हो सकें।
परिजनों ने जताया आभार
नेत्र रोगियों के परिजनों ने जेमीपोल और रेड क्रॉस के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की। उनका कहना था कि महंगे इलाज के कारण कई मरीज वर्षों से ऑपरेशन नहीं करा पा रहे थे, लेकिन इस पहल से उन्हें नई जिंदगी और नई रोशनी मिली है।
संस्थापक दिवस के अवसर पर यह पहल इस बात का प्रतीक है कि रोशनी केवल शहर की सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में भी उजाला फैलाने का संकल्प है।