


जमशेदपुर।
घाटशिला रेलवे स्टेशन के ठीक सामने रविवार को रेल यात्री संघर्ष समिति द्वारा एक विशाल हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों यात्रियों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, समिति के संरक्षक और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ऐलान किया कि 27 मई को चक्रधरपुर-खड़गपुर जोन के महाप्रबंधक (जीएम) के टाटानगर आगमन पर उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
टाटानगर नहीं आए तो कोलकाता जाकर होगा घेराव
सरयू राय ने सख्त लहजे में कहा कि यदि जीएम इस विरोध-प्रदर्शन से बचने के लिए टाटानगर नहीं आने का फैसला करते हैं, तो समिति के सदस्य सीधे कोलकाता जाएंगे और उनके कार्यालय पर जबरदस्त धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले दिनों चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम उनके निवास पर आए थे और व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था, जो पूरी तरह से खोखला साबित हुआ। यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को पास कराने के फैसले पर अधिकारियों की चुप्पी को लेकर उन्होंने कहा कि इसका जवाब आरटीआई (RTI) के माध्यम से निकलवाया जाएगा।

ट्रेनों की लेटलतीफी से जा रही लोगों की नौकरियां
समिति की एकमात्र मांग यह है कि यात्री ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चलें। सरयू राय ने सवाल उठाया कि ट्रेनें चांडिल तक सही समय पर आती हैं, तो वहां से टाटानगर पहुंचने में उन्हें 4 घंटे क्यों लग जाते हैं? इस्पात एक्सप्रेस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 3 सालों का डेटा निकाल कर देखें तो शायद ही कोई दिन होगा जब यह ट्रेन 5 घंटे की देरी से न पहुंची हो। मेमू ट्रेनों के 2 से 3 घंटे विलंब से चलने के कारण नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है और उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर सिर्फ मालगाड़ियों की संख्या बढ़ाई
सरयू राय ने कहा कि रेलवे के आला अफसरों की इस लापरवाही की पोल पूरे देश के सामने खुलनी चाहिए। अब तो वीआईपी ट्रेन ‘वंदे भारत’ भी आधा घंटा लेट हो रही है। खनिज संपदा ढोने के नाम पर रेलवे सिर्फ अपनी पीठ थपथपा रहा है, जबकि 2017 से टाटानगर में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए कोई काम नहीं किया गया। बिना बुनियादी ढांचे के मालगाड़ियों की संख्या बढ़ा दी गई है, जो मेन प्लेटफॉर्म से लेकर घाटशिला के प्लेटफॉर्म नंबर 1 तक पर खड़ी रहती हैं।
रेलवे को अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी ही होगी: शिवशंकर सिंह
इस अवसर पर रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने कहा कि रेलवे को सुधरना ही होगा और ट्रेनें समय पर चलानी ही होंगी। समिति का आंदोलन अब टाटानगर की सीमा पार कर घाटशिला तक पहुंच गया है। जब तक ट्रेनें राइट टाइम नहीं चलेंगी, हम चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए नीरज सिंह और अमित शर्मा की जमकर सराहना की।
इस मौके पर प्रमुख रूप से शिवरतन अग्रवाल, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, दीपक प्रसाद, सुशील वेशल, वीर सिंह देवलाभ, स्मारिक शुक्ला, पप्पू सिंह, प्रिंस प्रसाद, प्रतीक उपाध्याय, सागर दीप मल्ला, गुल्लू पातर, पिंकी सिंह, गुड्डी परवीन, आरती कुमारी, अमित पात्री, वोखल सरदार, कन्हैया सिंह, सुबोध श्रीवास्तव, कुलविंदर सिंह पन्नू, सतीश सिंह, राजीव चौधरी, अजय कुमार, मुकेश सिंह, शैलेश कारू, एस. चंद्रशेखर, संजीव सिंह, अशोक सिंह, विनीत कुमार, विक्की बादशाह, प्रकाश कोया, दुर्गा राव, राजू सिंह, बीरू सिंह और रामदेव हेम्ब्रम आदि उपस्थित थे।




