जमशेदपुर, 26 अक्टूबर 2026: बच्चों को हिंसा, शोषण और अपराध से सुरक्षित रखने तथा उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), जमशेदपुर ने सोमवार को बहरागोड़ा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमशेदपुर और अनुमंडल विधिक सेवा समिति, घाटशिला के संयुक्त तत्वावधान में टीपीएस, डीएवी पब्लिक स्कूल तथा प्लस टू उच्च विद्यालय, बहरागोड़ा में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस दौरान विद्यार्थियों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव और किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार की शिकायत करने के तरीकों की जानकारी दी गई।
बच्चों को समझाया गुड टच-बैड टच का अंतर
जागरूकता कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ विदेश सिन्हा और डिप्टी चीफ राजेश कुमार श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाते हुए बताया कि किसी भी असहज या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय वयस्क को तुरंत जानकारी देनी चाहिए।
इसके अलावा विद्यार्थियों को बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, डायन प्रथा और साइबर सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
पॉक्सो कानून और बच्चों के अधिकारों पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित पॉश अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी बताया गया।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, सम्मान और कानूनी संरक्षण पाने का अधिकार है।
विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी प्रकार के शोषण, धमकी या उत्पीड़न की स्थिति में कानूनी सहायता लेने से संकोच नहीं करना चाहिए।
बच्चों को बताए हेल्पलाइन नंबर 15100 और 112
डालसा की टीम ने विद्यार्थियों को निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति या कानूनी मदद की जरूरत पड़ने पर संपर्क करने के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर बताए।


