


जमशेदपुर। सावन अमावस्या के पावन अवसर पर बुधवार को जुगसलाई दुखु मार्केट के पास रेलवे लाइन किनारे सत्यनारायण मंदिर रोड स्थित शनिदेव मंदिर में शनि ग्रह शांति यज्ञ (हवन), तेलाभिषेक पूजा और शिव चर्चा का भव्य आयोजन किया गया। दामोदर शनि बाबा के सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में देश की उन्नति और शांति की कामना की गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण में सहभागिता की।
आयोजन के दौरान पंडित अशोक शर्मा के निर्देशन में पांच पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा और हवन संपन्न कराया गया। इसके बाद आयोजित शिव चर्चा और भक्ति कार्यक्रम ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया।
तेलाभिषेक पूजा और शिव चर्चा का विशेष आयोजन
शनिदेव मंदिर में आयोजित तेलाभिषेक पूजा न्याय के देवता भगवान शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए की जाने वाली विशेष अनुष्ठानिक पूजा है। पूजा और हवन के उपरांत शिव चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान शिव की महिमा, गुरु तत्व और भक्ति के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
महिलाओं की भजन मंडली ने बांधा समा
सुमन के नेतृत्व में अनिता, बेबी, डॉली, सपना, रानी और शिवानी सहित महिलाओं की टीम ने हर-हर भोला हर-हर भोला गुरु कीर्तन, मेरे भोले का डमरू बाजे जैसे भजनों के साथ शिव चर्चा का शुभारंभ किया। भजनों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भगवान शिव को अपना गुरु मानकर भक्ति करने से जीवन के दुख और कष्ट दूर होते हैं।
दामोदर शनि बाबा ने दिया आध्यात्मिक संदेश
दामोदर शनि बाबा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सभी के गुरु एकमात्र भगवान शिव हैं। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति, शिव चर्चा और शिव शिष्य बनने से मनुष्य का जीवन सफल हो जाता है तथा मानसिक, आध्यात्मिक और पारिवारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
दोपहर से शाम तक चला प्रसाद वितरण
धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर शनि बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। दोपहर 1:30 बजे से प्रसाद वितरण शुरू हुआ, जो शाम 5 बजे तक लगातार चलता रहा। हर-हर महादेव और जय शनिदेव के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा और भजन-कीर्तन से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया।
आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में पंडित अशोक शर्मा, मेनका सरदार, बड़ेलाल दूबे, अर्चना दूबे, अरविंद मिश्रा, धर्मेंद्र शर्मा, आयुषी शर्मा, नंदकिशोर ठाकुर, प्रवीण सेठी, रामजी मिश्र सहित अनेक श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


