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JAMSHEDPUR NEWS: टाटा स्टील ने जमशेदपुर एयरपोर्ट पर किया व्यापक आपातकालीन अभ्यास, विमान हादसे से निपटने की परखी गई तैयारी

जमशेदपुर।

विमान दुर्घटना जैसी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और टाटा स्टील पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी तैयारी का जायजा लेने के लिए टाटा स्टील एविएशन सर्विसेज ने मंगलवार, 9 जून 2026 को सुबह 9:30 बजे जमशेदपुर एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक एक पूर्ण स्तरीय आपातकालीन अभ्यास (Full Scale Emergency Exercise – FSEE) का आयोजन किया।

डीजीसीए (DGCA) के सख्त मानकों पर हुआ अभ्यास

सार्वजनिक उपयोग श्रेणी के तहत लाइसेंस प्राप्त जमशेदपुर एयरपोर्ट का संचालन मुख्य रूप से टाटा स्टील के एविएशन विभाग द्वारा किया जाता है। विमानन नियामक संस्था डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के प्रावधानों के तहत इस विशेष अभ्यास को आयोजित किया गया। नियमों के तहत हवाई अड्डे पर समय-समय पर इस तरह के मॉक ड्रिल का आयोजन अनिवार्य है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपातकाल के समय एयरपोर्ट से जुड़ी सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां त्वरित, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया दे सकें।

काल्पनिक विमान दुर्घटना का परिदृश्य और मुख्य उद्देश्य

इस व्यापक मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक विमान दुर्घटना (Aircraft crash simulation) का परिदृश्य तैयार किया गया था, ताकि वास्तविक स्थिति का अहसास हो सके। इस महत्वपूर्ण अभ्यास का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित था:

इन प्रमुख विभागों ने निभाई सक्रिय भागीदारी

मॉक ड्रिल को सफल बनाने और वास्तविक स्थिति जैसा अनुभव देने के लिए कई एजेंसियों ने एक साथ मिलकर काम किया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

इसके अलावा, अभ्यास के दौरान मीडिया प्रबंधन और समन्वय की पूरी जिम्मेदारी कॉरपोरेट कम्युनिकेशन विभाग ने बखूबी संभाली।

डीजीसीए को जल्द सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

इस संपूर्ण और जटिल आपातकालीन अभ्यास की योजना, सफल संचालन और निगरानी का जिम्मा टाटा स्टील के सीनियर एग्जीक्यूटिव (एविएशन ऑपरेशंस) के. के. पांडेय ने संभाला। इस अभ्यास के दौरान प्राप्त हुए निष्कर्षों और अवलोकनों पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह फाइनल रिपोर्ट समीक्षा और नियामकीय अनुपालन के लिए जल्द ही डीजीसीए को सौंप दी जाएगी।

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