


जमशेदपुर। टाटानगर रेल सिविल डिफेंस के 16 सदस्यीय दल बाहरी प्रशिक्षण कैम्प में भाग लेने के लिए रविवार को विशाखापट्टनम रवाना हुआ। यह प्रशिक्षण कैम्प दक्षिण पूर्व रेलवे के नागरिक सुरक्षा कर्मियों के लिए टीम भावना, आत्मविश्वास और आपसी समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने रवाना होने से पहले बताया कि यह आउटडोर प्रशिक्षण कैम्प पूर्वी तट रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) के विशाखापट्टनम स्थित परिसर में आयोजित किया जा रहा है। कैम्प 1 दिसंबर से 7 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रयोगशाला अभ्यास, मॉक ड्रिल, टीम-बिल्डिंग गतिविधियों और प्रतियोगिताओं से गुजरना होगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को एक एक-दिवसीय अध्ययन यात्रा (स्टडी टूर) भी कराई जाएगी, जिससे वे रेलवे सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के आधुनिक तरीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही 6 दिसंबर को सिविल डिफेंस राइजिंग डे (उगता दिवस) भी मनाया जाएगा, जो संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।
संतोष कुमार के नेतृत्व में टाटानगर से चुने गए 16 सिविल डिफेंस कर्मी इस कैम्प में हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा रांची, आद्रा, बोकारो, संतरागाछी, हावड़ा, खड़गपुर और विशाखापट्टनम सहित विभिन्न रेल मंडलों से कुल 130 जवान इस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए चयनित किए गए हैं।
इंस्पेक्टर संतोष कुमार इस कैम्प में कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रमुख प्रशिक्षक (लीड इंस्ट्रक्टर) के रूप में जिम्मेदारी निभाएँगे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जवानों में संकट प्रबंधन, आपदा स्थिति में बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार, भीड़ प्रबंधन तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है।
प्रशिक्षण दल के सुचारु आवागमन के लिए रेलवे ने विशेष व्यवस्था भी की है। खड़गपुर से जवानों के लिए अतिरिक्त कोच लगाया गया है, जिसे ट्रेन संख्या 12663 हावड़ा–तिरुचिरापल्ली एक्सप्रेस में अटैच कर विशाखापट्टनम भेजा गया है। इससे सभी चयनित कर्मियों का यात्रा अनुभव सुविधाजनक और सुरक्षित सुनिश्चित किया जा सकेगा।
टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम के रवाना होने पर रेलवे अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह प्रशिक्षण उनके कौशल, दक्षता और आपातकालीन हालात से निपटने की क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाएगा। प्रशिक्षण पूरा कर लौटने के बाद ये जवान अपने-अपने क्षेत्र में सुरक्षा कार्यों को और मजबूती से निभा सकेंगे।



