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Jamshedpur News :बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन को मिली रैयतों की सहमति, ग्राम सभाओं में बनी सहमति

जमशेदपुर।

पूर्वी सिंहभूम जिले में प्रस्तावित बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। भूमि अर्जन से जुड़े मुद्दों पर आयोजित ग्राम सभाओं में स्थानीय रैयतों ने परियोजना के लिए अपनी सहमति दे दी है। यह सहमति परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 ग्राम सभाओं के माध्यम से संवाद

शुक्रवार को विभिन्न गांवों में ग्राम सभाओं का आयोजन कर रैयतों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया गया। यह पहल कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर की गई। ग्राम सभाओं की अध्यक्षता जिला भू-अर्जन पदाधिकारी गुंजन सिन्हा ने की।

 इन गांवों में हुई बैठकें

ग्राम सभाएं भूरशान, खैरबनी, टोभाबनी, गौरांगपुर, मौदा और हिजली जैसे गांवों में आयोजित की गईं। इन बैठकों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और रैयत उपस्थित हुए और अपनी बात खुलकर रखी।

 परियोजना की दी गई विस्तृत जानकारी

अधिकारियों ने ग्राम सभाओं के दौरान रैयतों को रेल लाइन परियोजना की आवश्यकता, इसके संभावित लाभ और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से संबंधित सभी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि इस परियोजना से क्षेत्र में यातायात सुविधाओं में सुधार होगा और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

 रैयतों की शंकाओं का समाधान

ग्राम सभा में उपस्थित रैयतों ने भूमि अधिग्रहण को लेकर अपनी जिज्ञासाएं और आशंकाएं रखीं। अधिकारियों ने सभी सवालों का संतोषजनक जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और सभी नियमों का पालन किया जाएगा।

 सहमति से आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट

विस्तृत चर्चा के बाद सभी रैयतों ने रेल लाइन निर्माण के लिए अपनी सहमति दे दी। इससे परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाएं काफी हद तक दूर हो गई हैं और अब कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

 अधिकारियों और रेलवे टीम की मौजूदगी

इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ दक्षिण पूर्व रेलवे, खड़गपुर के सहायक अभियंता सहित कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा बहरागोड़ा अंचल अधिकारी और विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

 क्षेत्र के विकास को मिलेगा बढ़ावा

बुड़ामारा-चाकुलिया रेल लाइन परियोजना से क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं व्यापार के नए अवसर मिलेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना पूर्वी सिंहभूम के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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