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JAMSHEDPUR NEWS: TMH ने स्थानीय एनेस्थीसिया में सफलतापूर्वक की Balloon Kyphoplasty, बुजुर्ग मरीजों को मिली नई जिंदगी की उम्मीद

जमशेदपुर: जमशेदपुर के Tata Main Hospital (TMH) ने स्पाइन केयर के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए स्थानीय एनेस्थीसिया (Local Anaesthesia) के तहत सफलतापूर्वक Balloon Kyphoplasty प्रक्रिया को अंजाम दिया है। यह अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव (Minimally Invasive) तकनीक ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित बुजुर्ग मरीजों में होने वाले दर्दनाक वर्टिब्रल कंप्रेशन फ्रैक्चर के इलाज में नई उम्मीद लेकर आई है।

गंभीर रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर से पीड़ित बुजुर्ग महिला का सफल इलाज

टीएमएच के चिकित्सकों ने एक बुजुर्ग महिला का सफल उपचार किया, जो दुर्घटना के बाद गंभीर वर्टिब्रल फ्रैक्चर (पैनकेक वर्टिब्रा) से पीड़ित थीं। अत्यधिक दर्द और सीमित गतिशीलता के कारण वह लगभग बिस्तर पर ही रहने को मजबूर थीं। Balloon Kyphoplasty प्रक्रिया के बाद मरीज को दर्द से काफी राहत मिली और वह आराम से बैठने लगीं। ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज चलने-फिरने में सक्षम हो गईं।

बढ़ती उम्र के साथ बढ़ रही है ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या

चिकित्सकों के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस के कारण होने वाले वर्टिब्रल कंप्रेशन फ्रैक्चर विशेष रूप से 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और रजोनिवृत्ति के बाद की महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह समस्या गंभीर पीठ दर्द, शारीरिक विकृति, लंबे समय तक बिस्तर पर रहने की मजबूरी और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट का कारण बन सकती है।

Balloon Kyphoplasty से मिलता है त्वरित लाभ

विशेषज्ञों ने बताया कि Vertebroplasty और Balloon Kyphoplasty जैसी आधुनिक तकनीकें इस प्रकार के फ्रैक्चर के इलाज में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही हैं। जहां Vertebroplasty में बोन सीमेंट के जरिए फ्रैक्चर को स्थिर किया जाता है, वहीं Balloon Kyphoplasty में पहले विशेष बैलून की सहायता से रीढ़ की हड्डी की ऊंचाई को आंशिक रूप से बहाल किया जाता है और उसके बाद बोन सीमेंट का उपयोग किया जाता है।

इस तकनीक से मरीजों को तेजी से दर्द से राहत मिलती है, 24 घंटे के भीतर चलने-फिरने की क्षमता लौट आती है तथा लंबे समय तक दर्दनिवारक दवाओं पर निर्भरता कम हो जाती है।

स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत प्रक्रिया बनी बड़ी उपलब्धि

टीएमएच की इस उपलब्धि को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह प्रक्रिया स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत की गई। सामान्यतः Balloon Kyphoplasty जनरल एनेस्थीसिया में की जाती है। स्थानीय एनेस्थीसिया का उपयोग हृदय रोग, मधुमेह और फेफड़ों की बीमारी से ग्रसित बुजुर्ग मरीजों के लिए जोखिम को कम करता है। इसके साथ ही आईसीयू पर निर्भरता घटती है, अस्पताल में रहने की अवधि कम होती है और मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है।

डेढ़ साल में 100 से अधिक सफल प्रक्रियाएं

टीएमएच में पिछले कुछ वर्षों में ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। अस्पताल ने पिछले डेढ़ वर्ष में 100 से अधिक Vertebroplasty और Balloon Kyphoplasty प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं, जो इस क्षेत्र में संस्थान की विशेषज्ञता को दर्शाता है।

वर्तमान में टीएमएच झारखंड के चुनिंदा अस्पतालों में शामिल है और जमशेदपुर का एकमात्र अस्पताल है, जहां इस प्रकार की अत्याधुनिक स्पाइन प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। इससे न केवल मरीजों को महानगरों में इलाज के लिए जाने की आवश्यकता कम हुई है, बल्कि उन्हें समय पर और सुलभ उपचार भी मिल रहा है।

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