Lahar Chakra

Jamshedpur News :तालाब में बाहर से पानी आ रहा है, शैवाल पैदा हो रहे हैं जो ऑक्सीजन सोखते हैं-सरयू राय

जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय शनिवार को बेल्डीह तालाब पहुंचे। उन्होंने तालाब का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि यहां दो दिन पहले ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियां मरी हुई पाई गईं थीं।
सरयू राय ने बताया कि तालाब के पानी में ऑक्सीजन फिक्स करने के लिए चार फव्वारे चल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सिर्फ इतना ही कहा है कि ऑक्सीजन कम होने के कारण मछलियां मर गईं। बड़ा सवाल ये है कि ऑक्सीजन कम क्यों हुआ? उस तालाब में कहीं न कहीं से पानी आ रहा है। एक नाला हमलोगों ने देखा है, जिसका पानी तालाब में जा रहा है। बाहर का जो पानी आ रहा है, वह कैसा पानी है, इसके बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बताना चाहिए।
सरयू राय ने कहा कि तालाब में शैवाल पैदा हो रहे हैं। कुछ खास किस्म की घास भी तालाब में पैदा हो रही हैं। घास और शैवाल की संख्या बढ़ेगी तो तालाब का सारा ऑक्सीजन सोख लेंगी। फिर, उस तालाब की सफाई भी बहुत दिनों से नहीं हुई है। तालाब के किनारे बदबू आ रही है। वहां मछली मारने वालों का क्लब बनाया गया है। पूरे तालाब होर्डिंग, बैनर आदि के माध्यम से यह नहीं बताया गया है कि आप जब यहां आए तो आपको क्या करना है, क्या नहीं करना है। लोगों ने ब्रेड का टुकड़ा फेंक रखा है। ये स्थिति अगर तालाब की रहेगी तो मछलियां मरेंगी या मछलियों की संख्या नहीं बढ़ेंगी। जो मछली भोजन के लिहाज से यहां से निकाली जाएगी, उसमें भी अन्यान्य किस्म की दिक्कतें होंगी जो मछली खाने वालों को परेशान करेगी।
श्री राय ने कहा कि टाटा स्टील प्रबंधन को चाहिए कि तालाब की पूरी तरह साफ-सफाई करवाए। अगर उसमें (बारिश के दिनों को छोड़कर) पानी डालना है तो स्वच्छ पानी डाले। फव्वारा दिन में दो बार जरूर चलाया जाए। तालाब के तलछट में बहुत गंदगी है।
श्री राय ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का यह कहना कि ऑक्सीजन टेंपरेचर में फ्लक्चुएशन के कारण कम हो गया, यह कोई पर्याप्त कारण नहीं है। इतने बड़े तालाब का टेम्परेचर कितना है, यह तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया नहीं। तालाब को संरक्षित-सुरक्षित रखना है तो उसके लिए कोई न कोई प्रावधान करना चाहिए। वहां से बदबू आ रही है, इसका मतलब हुआ कि अंदर में चीजें सड़ रही हैं। उस तालाब में मछलियों के अलावे दर्जन भर अन्य जलीय जीव भी रहते हैं। मछली मर गई तो दिखाई पड़ गईं, जो अन्य जलीय जीव हैं, उन पर कोई विचार नहीं हो रहा है।

Exit mobile version