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Jamshedpur: मुसाबनी के केंदाडीह माइंस का संचालन शुरू, केंद्रीय खान राज्य मंत्री ने किया शुभारंभ, सिंहभूम ताम्र पट्टी क्षेत्र में खनन गतिविधियों को मिलेगी नयी गति

Jamshedpur. मुसाबनी के केंदाडीह माइंस का पुनः संचालन शुरू हो गया है। केंद्रीय खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने इसका विधिवत उदघाटन किया। इसके अलावा, केंदाडीह माइंस का शुभारंभ के वक्त जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो भी मौजूद थे। यह संचालन और कंसेंट्रेटर प्लांट की क्षमता को बढ़ाकर, यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके साथ ही, इस संचालन से सिंहभूम ताम्र पट्टी क्षेत्र में खनन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और यहाँ के लोगों की आर्थिक मजबूती भी संभव हो सकेगा। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) के इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स द्वारा केंदाडीह खदान के पुनः परिचालन और मुसाबनी सांद्र (कंसंट्रेटर) संयंत्र की क्षमता 0.4 एमटीपीए से बढ़ाकर 0.9 एमटीपीए किया जाएगा।

एचसीएल द्वारा केंदाडीह खदान को पुनः चालू करने की दिशा में यह पहल क्षेत्र के खनन उद्योग के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। खदान के शुरू होने से वार्षिक अयस्क उत्पादन में वृद्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। वहीं मुसाबनी कंसंट्रेटर संयंत्र की क्षमता 0.4 एमटीपीए से बढ़ाकर 0.9 एमटीपीए करने की परियोजना तांबा उत्पादन श्रृंखला को और मजबूत करेगी। इससे भविष्य में राखा, चापड़ी तथा अन्य प्रस्तावित खदानों से निकलने वाले अयस्क के प्रसंस्करण की क्षमता भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, केंदाडीह खदान से सालाना लगभग 2.25 लाख टन अयस्क उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

वहीं सुरदा माइंस की उत्पादन क्षमता को 4 लाख टन से बढ़ाकर 9 लाख टन वार्षिक करने की योजना पर भी कार्य जारी है। इसके अलावा राखा और चापड़ी माइंस को चालू करने की दिशा में भी प्रयास तेज हुए हैं। खनन परियोजनाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लंबे समय से जारी पलायन पर भी रोक लग सकेगी। इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा क्षेत्र में तांबे की बढ़ती मांग को देखते हुए सिंहभूम ताम्र पट्टी का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

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