

Jamshedpur. सोनारी थाना क्षेत्र के टिल्लू भट्ठा में अवैध गन फैक्ट्री चलाने के मामले में फरार चल रहा मुख्य अभियुक्त समीर सरदार ने मंगलवार को न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस के अनुसार, समीर सरदार और उसके सहयोगी सुशील केराई के खिलाफ पहले ही इश्तिहार जारी कर उनके घरों पर चस्पा किया जा चुका था। लगातार दबिश, निगरानी और बढ़ते पुलिस दबाव के कारण आखिरकार आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला लिया। बताया जाता है कि यह मामला पिछले वर्ष उस समय सामने आया था, जब बिहार एटीएस को अवैध हथियार निर्माण से जुड़ी गुप्त सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर बिहार एटीएस और सोनारी पुलिस की संयुक्त टीम ने टिल्लू भट्ठा इलाके में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान एक मकान से अवैध रूप से संचालित गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ था। पुलिस ने मौके से छह जिंदा कारतूस, एक देसी कट्टा और भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए थे। इसके साथ ही हथियार बनाने में इस्तेमाल हो रही तीन लेथ मशीन को भी जब्त किया गया था, जिन्हें क्रेन की मदद से सोनारी थाना लाया गया।

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया था कि समीर सरदार पिछले करीब छह महीने से हथियार निर्माण के अवैध धंधे में लिप्त था। सोनारी में लेथ मशीन पर हथियारों का प्रारंभिक निर्माण किया जाता था, जिसके बाद उन्हें बिहार के मुंगेर भेजा जाता था। वहां फाइनल फिनिशिंग के बाद हथियारों की सप्लाई बिहार के साथ-साथ झारखंड के कई जिलों में की जाती थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली थी कि समीर शहर के भीतर भी हथियारों की आपूर्ति करता था। इसके अलावा वह अपने घर से गांजा की अवैध बिक्री में भी शामिल था। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।



