Jamshedpur. आदित्यपुर निवासी हिमांशु सिंह हत्याकांड में नाबालिग आरोपियों की उम्र निर्धारण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपियों की उम्र की पुष्टि के लिए सरायकेला स्थित पांच स्कूलों से जन्म एवं शैक्षणिक प्रमाणपत्र 5 अक्टूबर तक उपलब्ध कराने को कहा है। स्कूल से मिलने वाले प्रमाणपत्र के आधार पर ही आरोपियों की उम्र और मामले की आगे की सुनवाई की दिशा तय होगी।

27 जून की रात हुई थी हिमांशु की हत्या
27 जून की रात बिष्टुपुर के डीडी बार के पास अपराधियों ने चापड़ से हमला कर हिमांशु सिंह की हत्या कर दी थी। उसका दोस्त प्रत्युष भी हमले में घायल हुआ था। घटना के बाद बिष्टुपुर पुलिस ने हत्या, जानलेवा हमला और सरकारी काम में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था।

CCTV फुटेज के आधार पर 16 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में नाबालिग भी शामिल थे, जिन्हें प्रक्रिया के अनुसार जेल के बजाय बाल सुधार गृह भेजा गया।
स्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर होगी उम्र की सुनवाई
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिग आरोपियों की उम्र निर्धारण के लिए स्कूलों से जन्म एवं शैक्षणिक रिकॉर्ड मांगा है। प्रमाणपत्र मिलने के बाद आरोपियों की उम्र को लेकर सुनवाई होगी। इसके साथ ही सभी नाबालिग आरोपियों की सामाजिक जांच रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है।
पुलिस ने दाखिल किया आरोप पत्र
हत्याकांड की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सीजेएम की अदालत में कई आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इनमें नीरज सिंह, विजय महानंद, विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा, राहुल दुबे, राज लोहार, लखीन्द्र लोहार, राघवेंद्र उर्फ घेरे, गणेश मधुआ समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।
मामले में घायल युवक और केस के सूचक मृतक के पिता समेत प्रत्यक्षदर्शियों एवं पुलिसकर्मियों के बयान प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में कलमबद्ध किए जा चुके हैं। अब नाबालिग आरोपियों की उम्र संबंधी दस्तावेज मिलने के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में आगे की प्रक्रिया होगी।

