जमशेदपुर,: पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर शुक्रवार को दोनों जिलों की पुलिस की संयुक्त अंतरजिला समन्वय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने की। बैठक में सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी और दोनों जिलों के बीच बेहतर पुलिस समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
हथियार और ड्रग्स तस्करों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए दोनों जिलों की पुलिस के बीच सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया। अधिकारियों को सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए।
SSP ने विशेष रूप से अवैध हथियारों की तस्करी और मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा संगठित अपराध और संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों की आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। दोनों जिलों की पुलिस के बीच समन्वय मजबूत कर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
सीमा पार अपराधियों की गतिविधियों पर नजर
बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि अपराधी पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए एक जिले की सीमा से दूसरे जिले में जाकर छिप न सकें। इसके लिए दोनों जिलों के संबंधित थाना क्षेत्रों के बीच नियमित सूचना साझा करने और आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
दोनों जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
अंतरजिला समन्वय समीक्षा बैठक में सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (SP) और जमशेदपुर के नगर पुलिस अधीक्षक (City SP) प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा दोनों जिलों के सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े पुलिस उपाधीक्षक (DSP), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) और थाना प्रभारी भी बैठक में शामिल हुए।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिसिंग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधियों पर निगरानी बढ़ाने और किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर त्वरित समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।