


Jamshedpur.जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र स्थित छायानगर में कुछ दिन पहले हुई गोलीबारी और चापड़बाजी की घटना में घायल सन्नी पुष्टि की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह टीएमएच में करीब एक सप्ताह से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था, लेकिन गुरुवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। सन्नी की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए न्याय की मांग की। परिजनों का आरोप है कि समय पर सही इलाज नहीं मिला और पैसों की मांग के कारण इलाज में देरी हुई, जिससे सन्नी की जान चली गई।
बताया जा रहा है कि 31 मार्च की रात पुराने विवाद को लेकर सन्नी और उसके साथी पर हमला किया गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। परिजनों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
डीसी ऑफिस पहुंचे परिजन, मुआवजे की मांग
सन्नी पुष्टि की मौत मामले में डीसी ऑफिस के भीतर तक हंगामा पहुंच गया। डीसी ऑफिस के पोर्टिको और बरामदे में उसकी लाश को रखकर बस्ती वासियों ने हंगामा शुरू कर दिया है। उसके घर की महिलाएं वहां विलाप कर रहीं हैं। जबकि बस्ती 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि टीएमएच प्रबंधन ने ठीक से इलाज नहीं किया जिसकी वजह से मौत हो गई।
हंगामा करने वालों में महिलाओं की संख्या अच्छी खासी है। डीसी ऑफिस के भीतर प्रवेश करने के लिए प्रवेश से रोकने के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किया, परंतु चार-पांच जवान ही होने की वजह से वह भीड़ को नियंत्रित करने में विफल रहे और बस्ती वासियों ने लाश को डीसी के प्रवेश मार्ग पर रखकर दिया, जिससे वहां रास्ता जाम हो गया।



