जमशेदपुर शारदीय नवरात्र की महानवमी पर टेल्को स्थित श्री श्री राम मंदिर दुर्गा पूजा समिति की ओर से मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में कुंवारी कन्या पूजन, सामूहिक हवन, आरती और पुष्पांजलि का आयोजन हुआ। धार्मिक अनुष्ठानों में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

मंदिर के पुरोहित जीवानंद मिश्रा ने वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा संपन्न कराई। सामूहिक हवन में नवरात्र का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं और कलश स्थापना करने वाले भक्तों ने आहुति देकर सुख-समृद्धि की कामना की।

नौ कन्याओं की पूजा कर लिया मां दुर्गा का आशीर्वाद
महानवमी के अवसर पर मंदिर परिसर में कुंवारी कन्या पूजन विशेष आकर्षण रहा। श्रद्धालुओं ने नौ कन्याओं की विधि-विधान से पूजा की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र में नौ कन्याओं का पूजन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का प्रतीक माना जाता है।
कन्या पूजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां सिद्धिदात्री के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
सामूहिक हवन के साथ नवरात्र की पूर्णाहुति
श्री श्री राम मंदिर दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित सामूहिक हवन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
पुरोहित जीवानंद मिश्रा के मार्गदर्शन में हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके साथ ही नौ दिनों तक चले नवरात्र के धार्मिक अनुष्ठानों की पूर्णाहुति हुई।
पूजा के बाद मंदिर प्रांगण में कलश स्थापना करने वाले भक्तों, व्रतधारियों और अन्य श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
21 अक्टूबर को सिंदूर खेला के बाद मां दुर्गा की विदाई
पूजा समिति के अनुसार, बुधवार, 21 अक्टूबर को सुबह सिंदूर खेला का आयोजन किया जाएगा। इसमें महिला श्रद्धालु पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार भाग लेंगी और मां दुर्गा को भावभीनी विदाई देंगी।
इसके बाद समिति की ओर से भव्य प्रतिमा विसर्जन जुलूस निकाला जाएगा।
विसर्जन जुलूस की खास बात यह होगी कि मंदिर समिति के सभी सदस्य एक ही रंग के परिधान में नजर आएंगे। समिति के अनुसार, यह आयोजन जुलूस का विशेष आकर्षण रहेगा।
आयोजन में राम मंदिर समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका
श्री श्री राम मंदिर दुर्गा पूजा समिति, टेल्को के प्रतिनिधि और सदस्य दुर्गोत्सव के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
समिति की ओर से महानवमी की पूजा, कन्या पूजन, हवन और महाप्रसाद वितरण के बाद अब प्रतिमा विसर्जन की तैयारियां की जा रही हैं।


