

Jamshedpur. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में गुरुवार को तीन दिवसीय ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एआई इंजीनियरिंग एंड इनोवेशन’ का उद्घाटन हुआ। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में दुनिया भर के शिक्षाविद्, शोधकर्ता और उद्योग विशेषज्ञ जुट रहे हैं। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक श्री सुनील कुमार (आईएएस) ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
अपने संबोधन में उन्होंने देश के विकास के लिए नवाचार और अनुसंधान को अनिवार्य बताते हुए एआई की बदलती भूमिका पर चर्चा की।संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर की वैश्विक शोध प्रतिबद्धता को दोहराया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आईआईआईटी रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव, एमएनआईटी जयपुर के निदेशक प्रो. एन. पी. पाध्य, आईईईई सिस्टम्स काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. एंडी चेन और एबीपी प्राइवेट लिमिटेड के सीटीओ श्री शुभमोय चक्रबर्ती सहित कई दिग्गजों ने अपने विचार साझा किए। विद्युत विभाग की अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने वास्तविक जीवन की जटिल चुनौतियों को हल करने के लिए एआई के बहुविषयी उपयोग पर बल दिया।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का नेतृत्व जनरल चेयर डॉ. वी. पी. मीणा (एनआईटी जमशेदपुर) और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ डकोटा से प्रो. केसी संतोष कर रहे हैं। सम्मेलन के पहले दिन प्रो. बिप्लब भट्टाचार्य और श्री शुभमोय चक्रबर्ती ने उभरते एआई रुझानों पर मुख्य व्याख्यान दिए। साथ ही ‘सिक्योर एआई में ट्रस्ट के लिए इंजीनियरिंग’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में सुरक्षित और नैतिक एआई प्रणालियों के महत्व पर मंथन किया गया।



