
Davos. अदाणी समूह ने विमानन, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी अवसंरचना, डिजिटल मंचों और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में 66 अरब डॉलर के निवेश की रूपरेखा पेश की है। इससे भारत की वृद्धि प्राथमिकताओं के अनुरूप निजी पूंजी के बड़े पैमाने पर निवेश के नए चरण का संकेत मिलता है। दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की 56वीं वार्षिक बैठक में अपनी योजनाएं प्रस्तुत करते हुए समूह ने कहा कि यह निवेश महाराष्ट्र, असम और झारखंड में किया जाएगा।
यह अलग-अलग परिसंपत्तियों के निर्माण से हटकर एकीकृत, प्रौद्योगिकी आधारित अवसंरचना मंचों की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। अदाणी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अदाणी ने निवेश के पैमाने और विभिन्न क्षेत्रों में इसके विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि नियोजित राशि अगले सात से 10 वर्ष में खर्च की जाएगी।

समूह ने कहा कि प्रस्तावित निवेशों का उद्देश्य रोजगार सृजन, कौशल निर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित समावेशन को बढ़ावा देना है। साथ ही ये ऊर्जा बदलाव, विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय विकास जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं। डब्ल्यूईएफ में दुनिया के राजनेताओं और कारोबारी दिग्गजों के बीच अदाणी समूह की घोषणाओं ने भारत के आर्थिक विस्तार के अगले चरण को आकार देने में अवसंरचना मंचों एवं दीर्घकालिक निजी पूंजी की अहम भूमिका को रेखांकित किया।



