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Jharkhand: पिंड्राजोरा थाना में पदस्थापित सभी पुलिसकर्मी सस्पेंड, 10 सब इंस्पेक्टर, पांच असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, दो हवलदार व 11 सिपाहियों पर की गयी कार्रवाई, ये है आरोप

Bokaro. बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने पिंड्राजोरा थाना में पदस्थापित सभी 28 पुलिस अधिकारियों व सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है. इसमें 10 सब इंस्पेक्टर, पांच असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, दो हवलदार व 11 सिपाही शामिल हैं. इन सभी पर पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के खुंटाडीह की लापता 18 वर्षीय पुष्पा की हत्या के मामले में अपराधियों को बचाने, जांच में लापरवाही बरतने व भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप हैं. एसपी श्री सिंह ने कहा कि सभी की विभागीय जांच करायी जायेगी. झारखंड पुलिस के इतिहास में पहली बार किसी थाना के सभी पुलिस अधिकारियों व सिपाहियों को सस्पेंड किया गया है.

इससे पहले शनिवार की रात को एसपी ने बताया था कि लापता पुष्पा की जांच में असंवेदनशीलता बरतने वाले थाना प्रभारी अभिषेक रंजन, जांच अधिकारी एसआइ अनिकेत कुमार, एसआईटी के एसआइ विवेक पांडे, एसआइ अनिल यादव व मुंशी अक्षय कुमार को सस्पेंड कर दिया था. बताया था कि हत्यारे से गहरे संबंध के साक्ष्य मिले, तो सेवा से बर्खास्तगी का सामना करना पड़ेगा. इसके बाद देर रात को ही पुन: पिंड्राजोरा थाना एसआटी प्रमुख सिटी डीएसपी आलोक रंजन, सदस्य बीएस सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास, बालीडीह इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह, हरला इंस्पेक्टर खुर्शीद आलम, चीरा चास थाना प्रभारी पुष्पराज व सब इंस्पेक्टर विक्रम कुमार पहुंचे.

जांच-पड़ताल कर रिपोर्ट एसपी को सौंपी. इसके आधार पर देर रात को ही थाना में पदस्थापित 28 पुलिस अधिकारियों व सिपाहियों को सस्पेंड का आदेश तत्काल प्रभाव से जारी कर दिया गया. मामले की जांच रविवार को भी जारी रही. ज्ञात हो कि हाईकोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जांच में लापरवाही बरतने के कारण नौ अप्रैल को ही तत्काल प्रभाव से पिंड्राजोरा थाना प्रभारी अभिषेक रंजन व मुंशी अक्षय कुमार को सस्पेंड का दिया था.

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