



Ranchi. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता पर हमले तेज करते हुए आरोप लगाया कि उनका पद पर बने रहना असंवैधानिक है और वह राज्य में “अवैध कृत्यों को छिपाने” के लिए पद पर कायम हैं. वर्ष 1990 बैच के अधिकारी गुप्ता को 30 अप्रैल, 2025 को सेवानिवृत्त होना था, लेकिन वह पद पर बने हुए हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने यहां संवाददाताओं से कहा, 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने के बाद भी डीजीपी को उनके पद पर बनाए रखना अवैध और असंवैधानिक है.
यह एक साजिश का हिस्सा है. संवैधानिक रूप से, झारखंड में पिछले 21 दिन से कोई डीजीपी नहीं है.” राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष मरांडी 30 अप्रैल के बाद भी डीजीपी के पद पर बने रहने को लेकर गुप्ता और राज्य सरकार पर हमलावर हैं. उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि बेशर्मी की भी हद होती है, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार ने वह हद पार कर दी है. झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां डीजीपी का पद खाली है और जो व्यक्ति ‘डीजीपी’ के पद पर काम कर रहा है, वह बिना वेतन के सेवाएं दे रहा है!
उन्होंने कहा, वाह मुख्यमंत्री जी, यह नए भारत का निर्माण है – बिना वेतन, बिना संवैधानिक वैधता, केवल भ्रष्टाचार के आधार पर प्रशासन!
एक अधिकारी ने बताया कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) कार्यालय को डीजीपी के पद पर बने रहने या सेवानिवृत्ति के संबंध में राज्य या केंद्र से कोई सूचना नहीं मिली है और उन्हें अब तक कोई वेतन या पेंशन भी जारी नहीं की गई है.
गुप्ता को पहली बार पिछले साल जुलाई में झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था. उन्होंने अजय कुमार सिंह की जगह ली थी जो 1989 बैच के थे.


