


Ranchi. भाजपा के नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को लोकभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की. सदस्यों ने 12 अप्रैल को आयोजित उत्पाद सिपाही परीक्षा में हुई धांधली और जेएसएससी व जेपीएससी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सात सूत्री मांग पत्र सौंपा. साथ ही पूरे मामले की सीबीआइ जांच की मांग की. भाजपा ने आरोप लगाया कि तमाड़ के एक निर्माणाधीन भवन में परीक्षा माफियाओं द्वारा अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र रटाये जा रहे थे.
इस मामले में पुलिस ने 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में कंप्यूटर, लैपटॉप और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किये हैं. दावा किया गया है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से 15-15 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था.
भाजपा ने सवाल उठाया कि जब एक केंद्र पर इतनी बड़ी गड़बड़ी मिली है, तो राज्य के अन्य 370 केंद्रों की शुचिता पर भी संदेह लाजिमी है. सदस्यों ने कहा कि जेएसएससी इतनी बड़ी गिरफ्तारियों के बावजूद पेपर लीक से इनकार कर रहा है, जिससे आयोग की भूमिका संदिग्ध लगती है.
उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य की नीलामी हो रही है. भाजपा ने पिछली परीक्षाओं (सीजीएल, जेपीएससी) का हवाला देते हुए कहा गया कि राज्य की एजेंसियां निष्पक्ष जांच करने में विफल रही हैं. प्रतिनिधिमंडल में बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहू, कर्मवीर सिंह, राकेश प्रसाद, भानु प्रताप शाही, बालमुकुंद सहाय, नवीन जायसवाल, सीपी सिंह व अमित मंडल शामिल थे.



