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Jharkhand Elephant Terror: हाथियों के हमले से लोगों की सुरक्षा के लिए पांच गांवों में 15 फरवरी तक निषेधाज्ञा लागू

Ranchi. झारखंड के गुमला जिले के पांच गांवों में हाथियों के हमले से लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, इन ग्रामीण इलाके में 18 हाथियों का एक झुंड घूम रहा है। उन्होंने बताया कि गुमला के अनुमंडल अधिकारी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा 30 जनवरी से 15 फरवरी तक भरनो थाना क्षेत्र के सुपा, मालगांव, मोरगांव, बुढीपाट और महुआटोली गांवों में प्रभावी रहेगी।

गुमला के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अहमद बिलाल ने बताया, ‘‘लोग हाथियों के झुंड के आसपास बड़ी संख्या में एकत्र हो रहे हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। लोगों को हाथियों के पास जाने से रोकने के हमारे प्रयासों के बावजूद, कई लोग झुंड का पीछा कर रहे हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन से निषेधाज्ञा लगाने का आग्रह किया गया था, जो शुक्रवार से लागू हो गई है।

आदेश के अनुसार, जिन इलाकों में जंगली हाथियों का झुंड मौजूद है वहां पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने और सड़कों को अवरुद्ध करने पर रोक रहेगी। इसके अलावा प्रतिबंधित क्षेत्रों में लाइसेंसी हथियार, आग्नेयास्त्र या विस्फोटक सामग्री ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। डीएफओ ने बताया कि भरनो क्षेत्र से रांची, गुमला और लोहरदगा के लिए रास्ते निकलते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हाथियों का झुंड इन्हीं मार्ग से होकर तीनों जिलों में आवाजाही करता है। पिछले छह महीनों में यह तीसरी बार है जब इस क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की गई है। वन विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष एक जनवरी से अब तक राज्य में हाथियों के हमलों में 25 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें से पश्चिम सिंहभूम जिले में एक हाथी 20 लोगों की जान ले चुका है।सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में 2019-20 से अब तक मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में कुल 474 लोगों की मौत हो चुकी है।

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