


Ranchi.. झारखंड हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अंदर दो कैदियों के नृत्य करने से जुड़े वीडियो पर एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का मंगलवार को निर्देश दिया. मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ मीडिया में प्रकाशित उन खबरों पर स्वतः संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें जेल परिसर के एक हॉल के अंदर दो विचाराधीन कैदियों के “नृत्य” की बात कही गई थी, जिसका वीडियो वायरल हो गया था. खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह घटना “शर्मनाक” है.
अदालत ने कहा कि यह वीडियो जेल में अनुशासन की पूरी तरह कमी को दर्शाता है. वीडियो में दिखाई दे रहे कैदी शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में हिरासत में हैं. बारह नवंबर को खबर प्रकाशित होने के तुरंत बाद, आईजी (जेल) सुदर्शन मंडल ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के सहायक जेलर देवनाथ राम और वार्डर बिनोद यादव को निलंबित कर दिया था.
उच्च न्यायालय द्वारा 14 नवंबर को यह जनहित याचिका दर्ज की गई थी. अधिवक्ता राजीव कुमार भी इस मामले में पेश हुए और उन्होंने कार्यवाही में एक हस्तक्षेपकर्ता (इंटरवेनर) के रूप में शामिल होने की अनुमति मांगते हुए उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर करने की अनुमति मांगी.



