



Ranchi.झारखंड अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को सोमवार को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1988 बैच के अधिकारी रहे खियांगते को राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पिछले साल फरवरी में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने 22 जुलाई को इस पद से इस्तीफा दे दिया था।
अपर पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) मनोज कौशिक ने बताया, ”हमने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के सिलसिले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया है।”
खियांगते से 28 जुलाई के बाद से अबतक चार बार पूछताछ की गई है। यह गिरफ्तारी एजेंसी द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन के बीच जीपीएससी के तीनों सदस्यों के इस्तीफे के एक दिन बाद हुई है। खियांगते की गिरफ्तारी के साथ, इस मामले में सीआईडी अबतक कुल 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
खियांगते ने कथित अनियमितताओं के मामले में सीआईडी द्वारा उनके सरकारी आवास समेत कई जगहों पर तलाशी लिये जाने से एक दिन पहले ही जीपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। पूर्व नौकरशाह ने हालांकि दावा किया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने ”स्वेच्छा से इस्तीफा देने का फैसला किया है”।
जेपीएससी के तीनों सदस्यों -अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद- ने रविवार को इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह कदम सीआईडी द्वारा पूछताछ के लिए तलब किये जाने के बाद उठाया।
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को, अहमद से 12 अगस्त को और हांसदा से 14 अगस्त को पूछताछ की जाएगी। इन तीनों को सितंबर 2021 में जेपीएससी का सदस्य नामित किया गया था।

