Ranchi. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के विधायक अरूप चटर्जी ने शिक्षकों के तबादले और तैनाती में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ मंगलवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। वामपंथी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को बाहर से समर्थन दे रहा है। निरसा से विधायक चटर्जी धनबाद के उपायुक्त कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनका विरोध सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में मौजूद खामियों के खिलाफ है। दो बार विधायक रह चुके चटर्जी ने दावा किया कि सरकार ने शिक्षकों की भर्ती तो की है, लेकिन उन्हें स्कूलों की वास्तविक जरूरत के मुताबिक तैनात नहीं किया जा रहा है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विधायक ने आरोप लगाया कि जिले में शिक्षकों के तबादले और तैनाती में नियमों की अनदेखी की जा रही है और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, लेकिन वहां विद्यार्थियों और शिक्षकों के निर्धारित अनुपात के अनुसार शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है।

चटर्जी ने दावा किया कि शिक्षकों की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। विधायक ने बताया कि पिछले एक वर्ष में करीब 1,500 शिक्षकों का तबादला या तैनाती की गई है, जिनमें से अधिकांश को शहरी क्षेत्रों में तैनात किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन ग्रामीण स्कूलों को शिक्षकों की अधिक जरूरत है, उनकी अनदेखी कर शिक्षकों को शहरों में क्यों तैनात किया जा रहा है। विधायक ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठाए।

