


Latehar. झारखंड के लातेहार जिले में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ‘झारखंड जन मुक्ति परिषद’ (JJMP) के शीर्ष नेता पप्पू लोहरा समेत दो नक्सली मारे गए. पप्पू पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि माओवादी समूह जेजेएमपी का प्रमुख लोहरा और उसका एक अन्य सहयोगी लातेहार पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक जंगल में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और झारखंड पुलिस के नक्सल रोधी संयुक्त अभियान के दौरान मारे गए. पलामू के पुलिस उपमहानिरीक्षक वाई एस रमेश ने कहा कि सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए. पुलिस ने उनके शव बरामद कर लिए हैं.
एक नक्सली पकड़ा गया
पुलिस ने बताया कि लोहरा और एक अन्य व्यक्ति का शव बरामद कर लिया गया है. इसने कहा कि लोहरा के अलावा मारे गए दूसरे नक्सली की पहचान अभी नहीं हो पाई है. सूत्रों ने बताया कि समूह का एक और सदस्य घायल हुआ है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है तथा उसके पास से एक इंसास राइफल बरामद की गई है.
ऐसे हुई मुठभेड़
पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोहरा और उसके साथियों के जंगल में होने की सूचना मिलने पर लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में सुरक्षाकर्मियों की एक टीम ने तलाश अभियान शुरू किया था. पुलिस ने कहा, माओवादियों ने सुरक्षाकर्मियों को देखते ही गोलीबारी शुरू कर दी जिसके बाद सुरक्षाबलों के कर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की.
क्या है जेजेएमपी?
साल 2006-07 में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का कमांडर संजय यादव अपने दस्ते के साथ अलग हो गया था. बाद में उसने झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) नामक संगठन की स्थापना की. संजय यादव की मौत के बाद पप्पू लोहरा जेजेएमपी का प्रमुख बन गया. पप्पू लोहरा उर्फ़ सोमदेव लोहरा पलामू, गढ़वा और लातेहार ज़िलों में पुलिस सहित दर्जनों लोगों की हत्या का आरोपी था. सितंबर 2021 में पप्पू लोहरा के साथ हुई मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार की भी मौत हो गई थी.



