
Ranchi. झारखंड पुलिस के समक्ष पिछले महीने आत्मसमर्पण करने वाले 16 माओवादियों में एक की रांची के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान इतवारी मांझी उर्फ सोनोत के रूप में हुई है। वह भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा का अंगरक्षक था। बेसरा पर 2.2 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था और वह 175 मामलों में वांछित था।
उन्होंने बताया कि मांझी (26) को हजारीबाग ओपन जेल में स्थानांतरित किए जाने के कुछ दिन बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ गई।
अधिकारी के अनुसार, अचानक बुखार और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत के बाद मांझी को दो अगस्त को हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसबीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था।
उन्होंने कहा, “एसबीएमसीएच के मेडिकल बोर्ड ने चार अगस्त को उसे उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर करने को कहा था।” गिरिडीह जिले के मोहनपुर गांव निवासी मांझी को बेहतर इलाज के लिए सात अगस्त को रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया था। महानिरीक्षक (अभियान) नरेंद्र सिंह ने बताया कि मांझी की बृहस्पतिवार को रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई।
