


Ranchi. धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि के पर सोमवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. रांची के कोकर स्थित उनके समाधि स्थल पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ हुई. बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पगड़ी बांधी गई और श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए. आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
इस अवसर पर समाधि स्थल को सजाया गया था. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को धरती आबा के समाधि स्थल पर जाकर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. राज्यपाल ने इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा के महान योगदान को नमन किया और कहा कि उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने कहा कि धरती आबा का साहस, संघर्ष और मातृभूमि के प्रति समर्पण सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति दृढ़ संकल्पित होने की प्रेरणा देता है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया और कहा कि राज्य सरकार उनके दिखाए रास्ते पर चलकर आदिवासी अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध है.
इससे पहले राज्यपाल ने राजभवन में भी भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी सहित राजभवन के अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भी भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए. राज्यपाल ने शहर के बिरसा चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनको नमन किया.



