


Ranchi. झारखंड कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि झारखंड पंचायत प्रावधान (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) नियम-2024 के मसौदे पर अपना सुझाव राज्य सरकार को सौंपेगी ताकि राज्य का पेसा कानून देशभर के लिए एक ‘मॉडल’ बने. पार्टी के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी. पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम को आमतौर पर पेसा कानून के रूप में जाना जाता है.
अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के अधिकारों को मान्यता देने वाला पेसा अधिनियम 1996 में बनाया गया था, लेकिन झारखंड में अभी तक इस कानून को लागू नहीं किया गया है. यह निर्णय यहां आयोजित पार्टी की कार्यशाला के दौरान लिया गया, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, प्रभारी के. राजू, मंत्री, विधायक, अनुसूचित क्षेत्रों के जिला अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
राज्य पंचायती राज विभाग ने मई में लोगों से प्रतिक्रिया और सुझाव मांगते हुए पेसा नियमों का मसौदा सार्वजनिक रूप से जारी किया था. कमलेश ने कहा, ‘कार्यशाला में प्रतिभागियों से हमें बहुमूल्य सुझाव मिले. हम चाहते हैं कि झारखंड का पेसा कानून देश के लिए एक आदर्श बने और ग्राम सभाओं को स्वशासन का अधिकार देकर उन्हें सशक्त बनाए.



