
Ranchi. तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के कन्निगैपैर गांव में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद वहां फंसे झारखंड के 34 प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने उनसे संपर्क स्थापित किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। राज्य प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रमुख शिखा लाकड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर प्रकोष्ठ ने उन प्रवासी श्रमिकों से संपर्क किया है, जिन्होंने एक वीडियो के माध्यम से कंपनी में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद झारखंड स्थित अपने गृह जिलों में लौटने की इच्छा जताई थी। लाकड़ा ने कहा, ‘तिरुवल्लूर जिले की समुद्री खाद्य निर्यात करने वाली कंपनी में झारखंड के विभिन्न जिलों के कुल 36 प्रवासी श्रमिक कार्यरत थे।
इनमें धनबाद की 29 वर्षीय प्रीति देवी की अमोनिया गैस रिसाव की घटना में मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रमिक कोडामा पीरा का उपचार जारी है। शेष 34 श्रमिकों को रेल मार्ग से उनके-अपने गृह जिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।’ उन्होंने बताया कि तिरुवल्लूर जिले में स्थित समुद्री खाद्य निर्यात कंपनी में रविवार को अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था, जहां ये प्रवासी श्रमिक कार्यरत थे।
इस घटना में 14 श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य विषैली गैस के प्रभाव से बीमार होने के कारण उपचाराधीन हैं। झारखंड जनाधिकार महासभा नामक एक सामाजिक संगठन ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच पर प्रवासी श्रमिकों का एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने झारखंड स्थित अपने गृह जिलों में लौटने के लिए मदद की अपील की थी। इस पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी टैग किया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रवासी प्रकोष्ठ को निर्देश दिया कि सभी प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित वापसी तत्काल सुनिश्चित की जाए।
