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Jharkhand: जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव और चीफ इंजीनियर को हाइकोर्ट में नहीं मिली माफी, कैजुअल ड्रेस में आने पर भी चेतावनी, लगाया जुर्माना, ये है वजह?

Ranchi.झारखंड हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारियों पर अदालत की अवमानना में 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने विभाग के प्रधान सचिव प्रशांत कुमार, मुख्य अभियंता जमील अख्तर, अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार और कार्यपालक अभियंता रंजीत कुजूर को जुर्माना रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा करने का निर्देश दिया. यह राशि बाद में झालसा को स्थानांतरित होगी. जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई की तिथि 12 सितंबर तय की. साथ ही कहा कि तय तिथि तक राशि जमा नहीं की गई तो सभी अधिकारियों को कोर्ट में सशरीर हाजिर होना होगा. इस संबंध में लखन प्रसाद यादव ने अवमानना याचिका दायर की है. प्रार्थी को क्लास-थ्री कर्मचारी के रूप में काम करने की अवधि का वेतन देने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रख चार हफ्ते में आदेश का पालन करने का निर्देश दिया था.

22 अगस्त को प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि विभाग ने सिर्फ 11,87,230 रुपये का ही भुगतान किया, जबकि एक लाख का भुगतान गलत ढंग से दिखाकर शपथपत्र भी दाखिल कर दिया गया. अदालत ने इसे गुमराह करने की कोशिश माना. सुनवाई के दौरान शनिवार को अदालत में हाजिर सभी अधिकारियों ने कोर्ट से माफी मांगी. इस पर कोर्ट ने कहा कि माफी से बात खत्म नहीं हो सकती, क्योंकि यह जानबूझकर किया गया उल्लंघन है.

अदालत ने अधिकारियों की लंबी सेवा और एक अफसर की सेवानिवृत्ति (31 अगस्त 2025) को देखते हुए नरमी बरती. कोर्ट ने अफसरों के कैजुअल ड्रेस में आने पर चेतावनी दी कि भविष्य में गरिमापूर्ण वेशभूषा में ही आएं.

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