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झारखंड में रेल नीर बॉटलिंग प्लांट की मांग तेज, अरुण जोशी ने IRCTC को भेजा प्रस्ताव

रांची।
दक्षिण पूर्व रेलवे के ज़ोनल रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) के सदस्य अरुण जोशी ने झारखंड में रेल नीर बॉटलिंग प्लांट की स्थापना को आवश्यक बताते हुए IRCTC को आधिकारिक पत्राचार किया है। उन्होंने अपने पत्र में झारखंड को एक उच्च संभावनाओं वाला स्थान करार देते हुए इसकी भौगोलिक स्थिति, रेल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक अनुकूलता को आधार बनाया है।

अरुण जोशी ने बताया कि झारखंड देश के दो प्रमुख रेलवे मार्ग – हावड़ा-मुंबई और हावड़ा-नई दिल्ली से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, साथ ही दक्षिण पूर्वी रेलवे कॉरिडोर का प्रमुख हिस्सा भी है। रांची के साथ-साथ धनबाद, बोकारो स्टील सिटी, जमशेदपुर (टाटानगर), और हजारीबाग जैसे शहर न केवल रेल नेटवर्क से जुड़े हैं, बल्कि यहां कुशल और अर्ध-कुशल श्रमिक भी प्रतिस्पर्धी लागत पर उपलब्ध हैं।

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उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय रेलवे में पैकेज्ड पेयजल की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन झारखंड जैसे क्षेत्र अभी भी इस सेवा से पर्याप्त रूप से लाभान्वित नहीं हो पाए हैं। ऐसे में राज्य में एक रेल नीर बॉटलिंग प्लांट की स्थापना से जल्द और कुशल वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे रसद लागत में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

अरुण जोशी ने यह भी कहा कि झारखंड में इस प्रकार की औद्योगिक पहल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और रेलवे के यात्रियों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने IRCTC से आग्रह किया कि वे झारखंड, विशेषकर राज्य की राजधानी रांची में एक उपयुक्त स्थान की व्यवहार्यता जांच (Feasibility Study) शुरू करें।

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उन्होंने कहा, “रेल नीर बॉटलिंग प्लांट न केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से फायदेमंद होगा बल्कि यह झारखंड जैसे विकासशील राज्य के लिए सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी एक मजबूत पहल सिद्ध होगी।

IRCTC से इस प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल की उम्मीद की जा रही है, ताकि झारखंड को भी जल्द ही इस राष्ट्रीय परियोजना से जोड़ा जा सके।

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