


Ranchi. झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में हुए ‘कमिशन घोटाले’ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जारी जांच के बीच, ईडी ने अब विभाग के करीब एक दर्जन इंजीनियरों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।
इनमें कार्यपालक अभियंता (EE), सहायक अभियंता (AE) और कनीय अभियंता (JE) स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
ईडी की चार्जशीट के मुताबिक, ग्रामीण विकास विभाग में विकास योजनाओं के टेंडर आवंटन के लिए कमीशनखोरी का एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि टेंडर की कुल राशि का लगभग 3.2 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में वसूला जाता था। ईडी आने वाले दिनों में और अधिकारियों को समन जारी कर सकती है।
ईडी अब तक इस मामले में तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम, उनके आप्त सचिव संजीव लाल, मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम और उनके रिश्तेदारों सहित 22 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वर्तमान में मंत्री और उनके करीबी जेल में हैं। जांच एजेंसी अब उन इंजीनियरों की भूमिका की पड़ताल कर रही है जो इस कमीशन चेन के अहम हिस्सा थे और ठेकेदारों से सीधे संपर्क में रहते थे। ईडी द्वारा समन जारी किए जाने के बाद ग्रामीण विकास विभाग में हड़कंप मच गया है।



