Site icon Lahar Chakra

Jharkhand: कांग्रेस की आपत्तियों और भारी विरोध के बीच निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नामांकन पर लगा होल्ड हटा, अब राज्यसभा के लिए झारखंड में त्रिकोणीय मुकाबला

Ranchi. झारखंड राज्यसभा चुनाव की स्क्रूटनी प्रक्रिया को लेकर पिछले 24 घंटे से जारी सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। भारी विवादों, तीखी बहसों और विपक्षी आपत्तियों के बीच निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी के नामांकन पर लगा होल्ड हटा लिया गया है। चुनाव अधिकारी ने सभी पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुनने और दस्तावेजों की जांच के बाद नथवाणी के नामांकन पत्र को पूरी तरह वैध (Valid) करार दिया है। इस फैसले के आते ही विधानसभा परिसर के बाहर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। इस मंजूरी के बाद अब झारखंड में राज्यसभा की रेस बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय हो चुकी है।

बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान परिमल नथवाणी के नाम की स्पेलिंग और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों पर कांग्रेस द्वारा गंभीर आपत्तियां उठाई गई थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनाव अधिकारी ने उनके नामांकन को होल्ड पर रख दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मैराथन सुनवाई का दौर चला। नथवाणी के पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण और सहायक दस्तावेजों की गहन समीक्षा के बाद चुनाव अधिकारी ने सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी।

परिमल नथवाणी का पत्ता साफ करने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी राजनैतिक और कानूनी ताकत झोंक दी थी। विधानसभा के भीतर और बाहर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। अपनी कानूनी दलीलों को धार देने के लिए कांग्रेस ने देश के जाने-माने कानूनविद् और वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद को विशेष रूप से दिल्ली से रांची बुलाया था। हालांकि, सुरक्षा मानकों और नियमों का हवाला देते हुए प्रशासन ने खुर्शीद को विधानसभा के भीतर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद वे बाहर से ही मीडिया को संबोधित करने की तैयारी में जुट गए।

नथवाणी का नामांकन वैध होने के बाद अब चुनावी मैदान में मुख्य रूप से तीन उम्मीदवार आमने-सामने हैं। सत्ताधारी गठबंधन (झामुमो) की ओर से वैद्यनाथ राम मैदान में हैं, कांग्रेस ने प्रणव झा को उतारा है, जबकि परिमल नथवाणी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोक रहे हैं।

Exit mobile version