Site icon Lahar Chakra

Kudmi Movement: चक्रधरपुर मंडल के नौ स्टेशनों समेत टाटानगर से खड़गपुर के बीच रेल रोकने की तैयारी में कुड़मी आंदोलनकारी, 100 से अधिक ट्रेनों के परिचालन पर असर, आरपीएफ और जीआरपी सतर्क

Jamshedpur. कुड़मी जाति को आदिवासी (एसटी) का दर्जा देने की मांग पर 20 सितंबर शनिवार को रेल रोको आंदोलन का असर कोल्हान के कई रेलवे स्टेशन पर रहेगा. चक्रधरपुर रेल मंडल में नौ स्टेशनों (गम्हरिया, सीनी, कांड्रा, बृजराजपुर, सोनुवा, मनोहरपुर, जराईकेला, भालुलता व बिसरा) पर कुड़मी आंदोलनकारी द्वारा लाइन जाम की जा सकती है. वहीं, पूर्वी सिंहभूम में टाटानगर से खड़गपुर के बीच चाकुलिया, गालूडीह व कोकपाड़ा स्टेशन पर लाइन जाम की तैयारी है. चांडिल से पुरुलिया रेल मार्ग पर भी लाइन जाम होने की सूचना है. इससे हावड़ा-मुंबई, ओडिशा-दिल्ली, टाटानगर से बिहार व उत्तर प्रदेश मार्ग 40 से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन ठप हो सकता है जबकि, झारखंड, पश्चिम बंगाल व ओडिशा में सौ से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होने की उम्मीद है.

जाम टालने को लेकर रेलवे कर रहा वार्ता
दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के आदेश पर चक्रधरपुर मंडल के अधिकारी कुड़मी समाज के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों से वार्ता कर रहे हैं, ताकि लाइन जाम न हो. रेलवे के अनुसार, लाइन जाम होने से हजारों यात्रियों के साथ मरीज व बच्चों के साथ शैक्षणिक व नौकरी की परीक्षा देने जाने वालों को परेशानी होगी. कई लोगों के जरूरी कार्य प्रभावित होंगे. समाज को लाइन जाम के बजाय अन्य तरह से आंदोलन करना चाहिए.

आरपीएफ और जीआरपी सतर्क
रेल लाइन जाम की घोषणा के बाद से चक्रधरपुर मंडल आरपीएफ व टाटानगर जीआरपी सतर्क हो गई है. रेल एसपी के आदेश पर पुलिस पदाधिकारी ने रेलवे ने ऐसे संभावित स्टेशनों की सूची रेलवे से मांगी है, जहां कुड़मी समाज के लोग लाइन जाम कर सकते हैं। दूसरी ओर, संवेदनशील इलाके के स्टेशनों पर जवान लोगों को लाइन जाम का नुकसान बताकर जागरूक करने में जुटे हैं. वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के स्टेशनों पर अतिरिक्त जवान तैनात करने का आदेश हुआ है, ताकि लाइन जाम की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा हो सके.

रेल रोकने वालों की ड्रोन से होगी निगरानी
डीजीपी झारखंड के पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता ने 20 सितंबर को कुड़मी समाज के रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम विधि-व्यवस्था को लेकर बैठक की. इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों को आदेश दिया गया कि रेल यात्रियों की सुरक्षा में गश्त तेज करें और आंदोलन के चिह्नित नेता को रोकें. जिला पुलिस को आरपीएफ व जीआरपी से समन्वय बनाकर मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्ति करने और बीएनएसएस की धारा 163 के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया.

वहीं, ड्रोन से निगरानी के साथ स्टेशन के आउटर पर भी सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश दिया, ताकि रेल रोकने वालों पर कार्रवाई हो सके. बैठक में रेल पुलिस के महानिरीक्षक, डीआरएम, आरपीएफ के आईजी, क्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा व अन्य पदाधिकारी शामिल थे.

Exit mobile version