
Jamshedpur.कुड़मी समाज लंबे समय से एसटी दर्जे की मांग कर रहा है. उनका मानना है कि उन्हें अब तक उनका हक नहीं मिला है. इस मांग को लेकर वे पहले भी कई आंदोलन कर चुके हैं. इस बार फिर से उन्होंने रेल रोको आंदोलन का रास्ता चुना है. वे चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकारें उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करें. झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 100 स्थानों पर रेल रोका जाना है. हर परिवार से एक आदमी रेल रोको आंदोलन में शामिल होगा. इसके लिए ग्रामीण स्तर पर बैठक कर लोगों से जुड़ने के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है.
आंदोलन से जनजीवन हो सकता है प्रभावित
इस रेल रोको आंदोलन से आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है. रेल यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. तीनों राज्यों में 100 रेलवे स्टेशनों पर रेल सेवा बाधित होगी. इससे माल ढुलाई भी प्रभावित होने की आशंका है. कुड़मी समाज के नेताओं का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे. कुछ साल पहले भी कुड़मी समाज की ओर से कई दिनों का रेल रोको-चक्का जाम आंदोलन किया गया था, जिससे सैकड़ों रेलगाड़ियों का परिचालन ठप रहा था.
