Site icon Lahar Chakra

Lalu Family Controversy: परिवार से नाता तोड़ने’’ की घोषणा के एक दिन बाद लालू की बेटी रोहिणी बोली-मुझ पर टिकट के बदले पिता को गंदी किडनी देने का आरोप लगाया

Patna. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने रविवार को आरोप लगाया कि भाई तेजस्वी यादव के कुछ सहयोगी उनके बारे में कह रहे हैं कि ‘‘मैंने अपने पिता को गंदी किडनी’’ दी और इसके बदले करोड़ों रुपये व पार्टी का टिकट लिया. आचार्य ने ‘राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने’’ की घोषणा के एक दिन बाद ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली और आरोप लगाया कि तेजस्वी, राज्यसभा सदस्य संजय यादव और रमीज ने ‘‘घर से निकालवा दिया. पिछले साल के आम चुनावों में सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाली आचार्य ने कहा, ‘कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया. तेजस्वी और संजय यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, ‘सभी बेटी-बहन, जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो, तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं. अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोलें कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे.

रोहिणी ने कहा, …मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनों बच्चों को नहीं देखा। किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया. आप सब मेरे जैसी गलती कभी न करें। किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो. एक अन्य पोस्ट में लालू प्रसाद की बेटी ने आरोप लगाया, कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया… मारने के लिए चप्पल उठाया गया. मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी.

उन्होंने कहा, कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़ आयी, मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया. मुझे अनाथ बना दिया गया. आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें, किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा न हो.

शनिवार को दिल्ली के लिए उड़ान लेते समय आचार्य ने पत्रकारों के सामने संकेत दिया था कि हालात तब बिगड़ गए, जब उन्होंने हाल में हुए चुनावों में पार्टी की हार के लिए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया. राजद को 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में केवल 25 सीट मिलीं.
उन्होंने ‘‘संजय और रमीज’’ के बारे में भी कड़वी बातें कहीं. रोहिणी ने कहा कि ये दोनों खुद को “चाणक्य” जैसा बड़ा रणनीतिकार समझते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की बातों को बिल्कुल महत्व नहीं देते.

Exit mobile version