


- उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार संबंधी समीक्षा बैठक
- हर गुरुवार को ‘अंचल सह थाना दिवस का होगा आयोजन
जमशेदपुर. समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आहूत बैठक में म्यूटेशन, भूमि सीमांकन, ऑनलाइन लगान, आर.सी.एम.एस एंट्री, परिशोधन, भूमि विवाद समाधान दिवस, सीओ मुलाकात कार्यक्रम एवं अन्य अहम बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई . अपर उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला, एलआरडीसी घाटशिला, सभी सीओ व अन्य संबंधित पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे . उपायुक्त द्वारा थानावार लगने वाले साप्ताहिक ‘भूमि विवाद समाधान दिवस’ और प्रतिदिन हो रहे अंचल कार्यालयों में जनसुनवाई के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा भूमि विवादों के प्रभावी समाधान का निर्देश दिया गया .
बैठक में बताया गया कि जनवरी माह से अबतक म्यूटेशन के कुल 9300 आवेदनों में से 4456 का निष्पादन (47.91%) किया गया है, जबकि 1686 मामले लंबित (18.13%) हैं. इस अवधि में 3158 मामलों को निरस्त (33.96%) किया गया. सबसे अधिक मामलों का निष्पादन मुसाबनी (71.82%), पोटका (70.07%), एवं गुड़ाबांदा अंचल (70.00%) में दर्ज किया गया है. वहीं गोलमुरी (34.27%), डुमरिया (35.90%) एवं मानगो (30.70%) अंचल में अपेक्षाकृत कम प्रतिशत में निष्पादन हुआ है. उपायुक्त द्वारा सभी अंचल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि बिना आपत्ति वाले मामलों में देरी न करते हुए निर्धारित समयसीमा में म्यूटेशन अनिवार्य रूप से हो . आवेदन को अस्वीकृत (रिजेक्ट) किया जा रहा है तो कारणों का स्पष्ट उल्लेख हो .
सुओ-मोटो म्यूटेशन के अंतर्गत प्राप्त 5751 आवेदनों में से 2794 मामलों का निष्पादन, जबकि 1905 आवेदनों को रिजेक्ट किया गया . वहीं भूमि स्वामित्व से संबंधित परिशोधन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त 9835 आवेदनों में से 5562 मामलों का निष्पादन किया . उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदकों को सही दस्तावेजीकरण हेतु गाइड किया जाए, स्पष्ट चेकलिस्ट साझा की जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े .
बैठक में राजस्व वाद प्रबंधन प्रणाली, भूमि सीमांकन, ऑनलाइन लगान, विभिन्न विभागों द्वारा भूमि अधियाचना से संबंधित प्राप्त आवेदन, भूमि विवाद समाधान दिवस में प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई. राजस्व वाद प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लंबित वादों की नियमित रूप से निगरानी की जाए और संबंधित पदाधिकारियों द्वारा पोर्टल पर अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए. साथ ही, भूमि सीमांकन कार्य की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि चिन्हित लंबित सीमांकन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाए ताकि भूमि विवादों का निपटारा हो . ऑनलाइन लगान भुगतान की प्रगति पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक भू-स्वामियों को डिजिटल भुगतान हेतु प्रोत्साहित करें और ऑनलाइन लगान प्रणाली पारदर्शी रूप में लागू किया जाए . उन्होने त्रुटियों के कारण लगान नहीं कटने के मामले पर अंचल अधिकारियों को निदेशित किया कि त्रुटियों का निराकरण अंचल स्तर पर करते हुए शत प्रतिशत लोगों का लगान रसीद कटना सुनिश्चित करें .
इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों द्वारा भूमि अधियाचना से संबंधित जो आवेदन प्राप्त हुए है, उनकी समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों की विधिसम्मत जांच कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि समय पर उपलब्ध कराई जा सके. स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण से जुड़े भूमि अधियाचना के मामले में प्राथमिकता के आधार पर भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया .
अब भूमि विवादों का होगा त्वरित निदान, कल 13 थानों में लगेगा विशेष शिविर
जमशेदपुर. उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देशानुसार जिले में भूमि विवाद से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु प्रत्येक गुरुवार को ‘अंचल सह थाना दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत थाना परिसर में अंचल अधिकारी की अगुवाई में जनसुनवाई की जाती है. इसी क्रम में दिनांक 21 अगस्त 2025 को जिले के 13 थानों में ‘अंचल सह थाना दिवस’ का आयोजन किया जाएगा जिसकी विवरणी निम्नवत है-
अंचल / थाना
1. जमशेदपुर – परसुडीह थाना
2. मानगो – आजाद नगर थाना
3. पोटका – जादुगोड़ा थाना
4. पटमदा – पटमदा एवं कमलपुर थाना
5. घाटशिला – घाटशिला थाना
6. धालभूमगढ़ – धालभूमगढ़ थाना
7. बहरागोड़ा – बड़शोल थाना
8. चाकुलिया – चाकुलिया थाना
9. मुसाबनी – जादुगोड़ा थाना
10. डुमरिया – डुमरिया थाना
11. बोड़ाम – बोड़ाम थाना
12. गुड़ाबांदा – गुड़ाबांदा थाना
उपायुक्त द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ‘अंचल सह थाना दिवस’ में प्राप्त होने वाले सभी भूमि विवाद मामलों को गंभीरता से सुनवाई कर प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करें. ग्रामीणों की शिकायतों के निवारण में अनावश्यक विलंब न हो. भूमि विवादों के समाधान में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए. उन्होने कहा कि भूमि विवादों का शीघ्र एवं न्यायोचित समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के लिए प्रत्येक गुरुवार को विशेष दिवस आयोजित किया जा रहा है .



