Site icon Lahar Chakra

Tata Group में LIC ने किया सबसे अधिक 88,404 करोड़ रुपये का निवेश, रिलायंस और अदाणी शीर्ष पांच में शामिल

Ranchi. भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सबसे अधिक 88,404 करोड़ रुपये का निवेश टाटा समूह में किया है. उसके बाद एचडीएफसी बैंक और रिलायंस समूह है जिनमें क्रमश: 80,843 करोड़ रुपये और 60,065.56 करोड़ रुपये निवेश किये गये हैं. यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को दी. उन्होंने बताया कि एलआईसी ने अदाणी समूह में 47,633.78 करोड़ रुपये जबकि भारतीय स्टेट बैंक में 46,621.76 करोड़ रुपये का निवेश किया.

उन्होंने बताया कि 35 घरेलू कंपनियां या समूह हैं जिनमें एलआईसी ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, जो कुल मिलाकर 7.87 लाख करोड़ रुपये है. चौधरी ने उन समूहों की सूची भी साझा की जिनमें एलआईसी का संयुक्त निवेश 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है. इस सूची में एल एंड टी, यूनिलीवर, आईडीबीआई बैंक, एम एंड एम और आदित्य बिरला शामिल हैं.

एलआईसी का सूची के शीर्ष पांच समूहों में 3.23 लाख करोड़ रुपये का निवेश है, जबकि कुल मिलाकर 35 कंपनियों में इसका निवेश 7.87 लाख करोड़ रुपये है. चौधरी ने कहा कि एलआईसी के पास निदेशक मंडल से मंजूरी प्राप्त निवेश नीति है जो कंपनी के निवेश विभाग द्वारा किए गए किसी भी निवेश के लिए एक व्यापक ढांचे के रूप में कार्य करती है.

उन्होंने कहा कि निवेश समिति, बोर्ड की एक उप-समिति है जो कंपनियों में ‘इक्विटी’ और ऋण निवेश से संबंधित सभी निवेश संबंधी निर्णय लेती है. निवेश संबंधी सभी कार्य मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हैं, जिसे निवेश समिति द्वारा अनुमोदित किया जाता है और बोर्ड को सूचित किया जाता है. वित्त राज्य मंत्री चौधरी ने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में कहा कि फिलहाल कृषि ऋण माफी का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है.

Exit mobile version