Patna.चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीट पर हुए चुनावों में भाजपा और राजग के उसके सहयोगियों ने 16 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश में पांच सीट पर जीत दर्ज की, जिनमें वाराणसी की दो सीट शामिल हैं। महाराष्ट्र में नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की एक सीट को छोड़कर सभी सीट के नतीजे घोषित कर दिए गए। नागपुर सीट पर भाजपा के उम्मीदवार सुधाकर कोहले और कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी के बीच कड़ा मुकाबला जारी था।
बिहार में दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। राज्य में जन सुराज पार्टी ने भी अपना खाता खोला, जबकि पांच मौजूदा विधान परिषद सदस्य अपनी सीट हार गए। कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी चारों सीट हार गई। भाजपा ने तीन और जनता दल (सेक्युलर) ने एक सीट जीती।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मतपत्रों से मतदान होने के बावजूद कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को लेकर पार्टी पर कटाक्ष किया। विपक्षी दल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खिलाफ अपने अभियान में मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे चार बड़े राज्यों की 28 सीट पर विधान परिषद के चुनाव हुए। मतदान मतपत्रों से हुआ। अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीट जीतीं।”

भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने महाराष्ट्र में दो सीट जीतीं, जबकि विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) को दो सीट पर जीत मिली। बिहार में भाजपा ने तीन सीट जीतीं, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक-एक सीट जीती।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के छह और स्नातकों के पांच निर्वाचन क्षेत्रों, बिहार में शिक्षकों और स्नातकों के चार-चार, कर्नाटक में शिक्षकों और स्नातकों के दो-दो तथा महाराष्ट्र में स्नातकों के तीन और शिक्षकों के दो निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था।
मतगणना मंगलवार से शुरू हुई थी।
इन चुनावों में केवल स्नातक और शिक्षक मतदाता ही वोट डालने के पात्र होते हैं। मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाता है। भाजपा ने कांग्रेस की हार को लेकर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि मुख्य विपक्षी दल चुनाव ईवीएम से हों या मतपत्रों से, जनता का समर्थन हासिल नहीं कर सकता। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि जनता का समर्थन मेहनत से मिलता है, “मनोरंजन के लिए यात्राएं” करने से नहीं। कांग्रेस ने मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री को इतना भरोसा है कि ईवीएम का चुनाव नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता, तो उन्हें लोकसभा और आगामी विधानसभा चुनाव मतपत्रों से कराने की प्रतिबद्धता जतानी चाहिए।

