


New Delhi. China से भारत में स्टील आयात पर Tata Steel के एमडी टीवी नरेंद्रन कई बार चिंता जता चुके हैं. उनका कहना है कि चीन से आयात की जाने वाली स्टील की कीमत अनुचित है. लंबे समय तक चीन से Steel Import होने से घरेलू स्टील उद्योग की निवेश योजनाओं को नुकसान पहुंच सकता है. इस मुद्दे पर कंपनी ने कई बार मोदी सरकार से भी गुहार लगायी है. पर अबतक कोई हल नहीं निकल सका है. इधर, अमेरिका में सत्ता में आते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि वह कनाडा तथा मेक्सिको सहित इस्पात और एल्युमीनियम के सभी आयातों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा करेंगे. साथ ही इस सप्ताह के अंत में अन्य आयात शुल्क भी लगाए जाएंगे.
सुपर बाउल में हिस्सा लेने के लिए फ्लोरिडा से न्यू ऑरलियन्स जाते समय विमान ‘एयर फोर्स वन में’ रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘अमेरिका में आने वाले किसी भी इस्पात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगेगा.एल्युमिनियम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा , ‘एल्युमीनियम भी ’’ व्यापार दंड के अधीन होगा. ट्रंप ने ‘‘पारस्परिक शुल्क’’ की घोषणा करने की बात भी दोहराई जिसका मतलब है कि अमेरिका उन उत्पादों पर आयात शुल्क लगाएगा जहां किसी अन्य देश ने अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क लगाया है.
इस बीच, दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति चोई सांग-मोक ने देश के शीर्ष विदेश नीति एवं व्यापार अधिकारियों की सोमवार को बैठक बुलाई, जिसमें इस बात पर गौर किया गया कि इस्पात और एल्युमीनियम पर ट्रंप के प्रस्तावित शुल्क से उनके उद्योगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा. दक्षिण कोरिया ने 2024 में जनवरी से नवंबर के बीच अमेरिका को करीब 4.8 अरब अमेरिकी डॉलर का इस्पात भेजा, जो इस अवधि के दौरान उसके वैश्विक निर्यात का 14 प्रतिशत था.



